भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक इतिहास में सोमवार एक अहम मोड़ बनकर सामने आया, जब नितिन नबीन (Nitin Naveen BJP) ने औपचारिक रूप से पार्टी के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में पदभार संभाला। यह सिर्फ नेतृत्व परिवर्तन नहीं, बल्कि भाजपा की उस राजनीतिक संस्कृति का दोहराव है, जहां संगठन से निकला कार्यकर्ता शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी ने इस अवसर को और भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बना दिया।

चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद के. लक्ष्मण द्वारा नितिन नबीन को निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किया जाना, यह संकेत देता है कि पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर व्यापक सहमति बनी हुई है। भाजपा सूत्रों के अनुसार, आने वाले चुनावी दौर और संगठनात्मक विस्तार को देखते हुए यह फैसला रणनीतिक रूप से भी बेहद अहम माना जा रहा है।
पदभार संभालने से पहले नितिन नबीन का दिन आस्था और संस्कारों से जुड़ा रहा। मंगलवार सुबह उन्होंने दिल्ली के झंडेवालान मंदिर, वाल्मीकि मंदिर और प्राचीन हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद वे बंगला साहिब गुरुद्वारे पहुंचे, जहां उन्होंने मत्था टेका। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, यह दौरा भाजपा की उस सांस्कृतिक राजनीति का प्रतीक है, जो आस्था, समावेशन और परंपरा को साथ लेकर चलती है।

इस पूरे घटनाक्रम का सबसे भावुक और मानवीय पक्ष तब सामने आया, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नितिन नबीन के परिवार से मुलाकात की। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में पीएम मोदी नबीन के बच्चों के साथ आत्मीय पलों में नजर आए। उन्होंने बच्चों को लड्डू खिलाए, वहीं नितिन नबीन की छोटी बेटी अपने पिता की गोद में बैठकर मासूम नखरे करती दिखी। पीएम मोदी काफी देर तक बच्ची को मनाने की कोशिश करते रहे, लेकिन उसके क्यूट नखरों ने माहौल को हल्का और भावुक बना दिया। इस दृश्य ने राजनीति के औपचारिक माहौल में मानवीय संवेदनाओं की झलक दिखाई।
नीतीश के तंज से राष्ट्रीय कुर्सी तक: नितिन नबीन का उभार, बिहार की राजनीति में बदलते रिश्तों का संकेत
भाजपा मुख्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए सिर्फ एक पद नहीं, बल्कि संगठन द्वारा दिए गए विश्वास की जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक साधारण कार्यकर्ता को पार्टी के सर्वोच्च संगठनात्मक पद तक पहुंचाना, भाजपा की कार्यसंस्कृति और लोकतांत्रिक सोच को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने पुराने अनुभव को साझा करते हुए नबीन ने गुजरात के आनंद में हुए एक कार्यक्रम को याद किया, जब वे राष्ट्रीय महासचिव के तौर पर सद्भावना मिशन में शामिल हुए थे। उन्होंने बताया कि किस तरह पीएम मोदी हर व्यक्ति की बात ध्यान से सुनते थे और कार्यक्रम के बाद ग्रीन रूम में भावुक होकर यह समझाते थे कि जनता क्यों और किस भावना से वहां पहुंची थी। नितिन नबीन के मुताबिक, उसी दिन उन्हें यह एहसास हुआ कि सच्चा नेतृत्व वही है, जो जनता की भावनाओं से जुड़ता है।






















