भगवान श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा में भाजपा के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन (Nitin Naveen Mathura Visit) का दौरा सिर्फ एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि राजनीतिक और विकासात्मक संदेशों से भरा रहा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी ने इस दौरे को और भी खास बना दिया। मथुरा में दोनों नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ को सुना, जिसके जरिए सरकार की नीतियों और जनसंवाद की भावना को रेखांकित किया गया। इसके बाद नितिन नवीन वृंदावन पहुंचे, जहां उन्होंने बांके बिहारी मंदिर में पूजा-अर्चना कर आध्यात्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ाव का संदेश दिया।

मथुरा और वृंदावन की बदली हुई तस्वीर पर टिप्पणी करते हुए नितिन नवीन ने उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर को विकास का जीवंत उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश की सड़कें उन मानकों से भी बेहतर नजर आती हैं, जो कभी विदेशों से जोड़े जाते थे। यह बदलाव सिर्फ निर्माण का नहीं, बल्कि शासन की सोच और प्राथमिकताओं का प्रमाण है। उनके अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकास को केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक उसका लाभ पहुंचाने का प्रयास किया है।
अपने संबोधन में नितिन नवीन ने कानून-व्यवस्था और सुशासन का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि जिस तरह बिहार में कभी ‘जंगलराज’ की चर्चा होती थी, उसी तरह उत्तर प्रदेश भी अराजकता के दौर से गुजर चुका है, लेकिन मौजूदा सरकार ने उस अध्याय को समाप्त कर दिया। आज उत्तर भारत के राज्य विकास की दौड़ में आगे बढ़ रहे हैं और इसकी जड़ में स्थिर सरकार, स्पष्ट नीति और मजबूत नेतृत्व है। उन्होंने यह भी कहा कि देश में तीन बार भाजपा की सरकार बनना किसी एक चेहरे की नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं की मेहनत और संगठन की मजबूती का परिणाम है।
नितिन नवीन ने भाजपा सरकारों को सनातन परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन से जोड़ते हुए कहा कि विकास और संस्कृति को साथ लेकर चलना ही इस शासन की पहचान है। उनके अनुसार प्रधानमंत्री मोदी का बार-बार दोहराया गया मंत्र जनभागीदारी देश को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहा है। यदि नेतृत्व एक कदम आगे बढ़ता है और 140 करोड़ नागरिक उसके साथ चलते हैं, तो प्रगति को रोक पाना असंभव हो जाता है।
उन्होंने भारत की वैश्विक छवि में आए बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि पहले अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश का नेतृत्व आत्मविश्वास की कमी से जूझता दिखता था, लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विश्व राजनीति में भारत की आवाज को मजबूती से रखते हैं और देश का सम्मान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ा है।






















