मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने एक अणे मार्ग स्थित सरकारी आवास ‘संकल्प’ में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 की धान (Bihar Dhaan Procurement 2025) अधिप्राप्ति प्रक्रिया पर महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि धान खरीद से जुड़े किसानों को किसी भी स्तर पर असुविधा न हो और अधिप्राप्ति व्यवस्था को पूरी पारदर्शिता के साथ संचालित किया जाए। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बिहार सरकार कृषि क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और किसानों के हितों से समझौता नहीं किया जाएगा।
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया कि इस खरीफ वर्ष के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य में संशोधन किया गया है। सामान्य ग्रेड के धान का एमएसपी 2369 रुपए प्रति क्विंटल और ग्रेड-ए धान का एमएसपी 2389 रुपए प्रति क्विंटल तय किया गया है। धान अधिप्राप्ति की समयसीमा इस बार 1 नवंबर 2025 से 28 फरवरी 2026 रखी गई है, ताकि किसानों को पर्याप्त समय मिल सके और किसी प्रकार का संकट उत्पन्न न हो। उन्होंने यह भी बताया कि चरणबद्ध तरीके से धान अधिप्राप्ति की शुरुआत कर दी गई है और इस वर्ष 36.85 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
राज्य सरकार ने इस प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए उसना चावल मिलों की संख्या बढ़ाकर 396 कर दी है, जिससे खरीद के बाद प्रसंस्करण में तेजी आएगी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार सभी जिलों में अधिप्राप्ति कार्य शुरू कर दिया गया है और किसानों के पंजीकरण से लेकर भुगतान तक की प्रक्रिया को सरल एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मजबूत तरीके से लागू किया जा रहा है।
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिप्राप्ति प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को हरसंभव सहयोग दे रही है और यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी की शिकायत मिलती है तो संबंधित अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि धान खरीद तेजी से और बेहतर ढंग से की जाए ताकि किसानों को खरीफ सीजन में आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
















