बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar Inspection) एक बार फिर अपने अचानक निरीक्षण को लेकर चर्चा में आ गए हैं। रविवार को वे बिना पूर्व सूचना के अपने आवास से निकलकर वैशाली जिले के बिदुपुर पहुंचे और बहुप्रतीक्षित कच्ची दरगाह-बिदुपुर 6 लेन गंगा पुल परियोजना के निर्माण कार्यों का स्थल निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से प्रगति रिपोर्ट ली और परियोजना के बचे हुए कार्यों को तय समय सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरा करने का स्पष्ट निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने परियोजना की गति और गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पुल के साथ-साथ पहुंच पथों का निर्माण भी जल्द पूरा किया जाए ताकि परियोजना के शुरू होते ही निर्बाध और सुचारू यातायात सुनिश्चित किया जा सके। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को भरोसा दिलाया कि शेष कार्य अप्रैल तक पूरा कर लिया जाएगा।

यह परियोजना केवल एक पुल नहीं बल्कि उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच कनेक्टिविटी को नई दिशा देने वाली रणनीतिक पहल मानी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुल के पूर्ण होने के बाद राजधानी पटना से राघोपुर और वैशाली क्षेत्र के लोगों को सीधी सड़क संपर्कता मिलेगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। कृषि उत्पादों की आवाजाही तेज होगी, उद्योगों के विस्तार की संभावनाएं बढ़ेंगी और व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी। साथ ही आकस्मिक चिकित्सा स्थितियों में मरीजों को पटना पहुंचने में लगने वाला समय भी कम होगा।
नीतीश कुमार ने यह भी बताया कि परियोजना के प्रथम चरण के उद्घाटन के बाद पटना से राघोपुर तक संपर्कता बहाल हो चुकी है, जिससे लोगों को शुरुआती लाभ मिलना शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि इस पुल के बन जाने से महात्मा गांधी सेतु पर वाहनों का दबाव कम होगा और लोगों को एक वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा। इससे न केवल यातायात सुगम होगा बल्कि पटना शहर में ट्रैफिक प्रबंधन को भी राहत मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने परियोजना के क्षेत्रीय और राज्यव्यापी प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि आमस-दरभंगा एक्सप्रेस-वे से जुड़ने के बाद यह पुल उत्तर बिहार के कई जिलों—जैसे समस्तीपुर, दरभंगा और मधुबनी—के लिए यात्रा समय घटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने राज्य सरकार की नीति दोहराते हुए कहा कि बिहार में गुणवत्तापूर्ण सड़कों और पुलों के निर्माण के जरिए आर्थिक विकास और सुगम आवागमन सुनिश्चित किया जा रहा है।
गौरतलब है कि 23 जून 2025 को मुख्यमंत्री ने कच्ची दरगाह से राघोपुर दियारा तक परियोजना के प्रथम चरण का उद्घाटन किया था। कुल 19.76 किलोमीटर लंबी इस 6 लेन ग्रीनफील्ड परियोजना में 9.76 किलोमीटर लंबा पुल और लगभग 10 किलोमीटर लंबा पहुंच पथ शामिल है। परियोजना के अगले चरणों में हाजीपुर-महनार पथ से चकसिकंदर तक और राघोपुर दियारा से हाजीपुर-महनार मार्ग के निर्माण कार्य तेजी से जारी हैं।
निरीक्षण के दौरान जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद संजय कुमार झा, पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल, मुख्यमंत्री के सचिव कुमार रवि और डॉ. चंद्रशेखर सिंह, बिहार राज्य पथ विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक शीर्षत कपिल अशोक सहित पटना और वैशाली जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री के इस अचानक दौरे को परियोजनाओं की मॉनिटरिंग और विकास कार्यों की गति बढ़ाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है, जो आगामी महीनों में बिहार के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए महत्वपूर्ण संकेत देता है।






















