मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) की समृद्धि यात्रा खत्म होते ही उनकी एक अप्रत्याशित राजनीतिक पहल ने बिहार की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। मंगलवार शाम यात्रा से लौटने के तुरंत बाद नीतीश कुमार सीधे केंद्रीय मंत्री और जेडीयू के वरिष्ठ नेता ललन सिंह के सरकारी आवास पहुंच गए। यह मुलाकात महज करीब 10 मिनट की रही, लेकिन इसकी टाइमिंग और परिस्थितियों ने इसे साधारण शिष्टाचार भेंट से कहीं अधिक अहम बना दिया है।
राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात को मौजूदा और आने वाले सियासी समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है। समृद्धि यात्रा के जरिए मुख्यमंत्री जहां विकास और प्रशासनिक संदेश देने में जुटे थे, वहीं यात्रा खत्म होते ही ललन सिंह से मुलाकात ने यह संकेत दिया कि जेडीयू के भीतर संवाद और समन्वय को लेकर शीर्ष नेतृत्व पूरी तरह सक्रिय है। औपचारिक एजेंडा भले सामने न आया हो, लेकिन माना जा रहा है कि बिहार की राजनीति से लेकर राष्ट्रीय स्तर के मुद्दों तक पर दोनों नेताओं के बीच विचार-विमर्श हुआ होगा।
नीतीश के तंज से राष्ट्रीय कुर्सी तक: नितिन नबीन का उभार, बिहार की राजनीति में बदलते रिश्तों का संकेत
मुलाकात के बाद ललन सिंह ने खुद बयान देकर इस चर्चा को और हवा दे दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उनका रिश्ता वर्षों पुराना है और आपसी सम्मान पर आधारित है। ललन सिंह के मुताबिक उन्हें उसी दिन दिल्ली रवाना होना था और इसकी जानकारी मुख्यमंत्री को पहले से थी। इसके बावजूद नीतीश कुमार का खुद उनके आवास पर पहुंचना उनके बड़े कद और राजनीतिक शालीनता को दर्शाता है। ललन सिंह ने इसे मुख्यमंत्री का बड़प्पन बताते हुए रिश्तों की मजबूती का संकेत माना।
इसी बातचीत के दौरान ललन सिंह ने भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि नितिन नवीन युवा हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्पष्ट विजन है कि देश की राजनीति और नेतृत्व में युवाओं को आगे लाया जाए। ललन सिंह ने यह भी जोड़ा कि नीतीश कुमार भी लंबे समय से युवाओं को नेतृत्व सौंपने के पक्षधर रहे हैं। उनके अनुसार देश और बिहार का भविष्य युवाओं के हाथ में है और मजबूत नेतृत्व के लिए यह जरूरी कदम है।
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ललन सिंह ने डबल इंजन सरकार की बात दोहराते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मिलकर बिहार के विकास को नई गति दे रहे हैं। उन्होंने संकेत दिया कि केंद्र और राज्य के तालमेल से विकास योजनाओं को जमीन पर उतारने में तेजी आई है और आने वाले समय में इसका असर और साफ दिखेगा। प्रधानमंत्री मोदी का यह विश्वास कि युवाओं में नेतृत्व क्षमता है, नितिन नवीन को बड़ी जिम्मेदारी सौंपने में भी झलकता है।
नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के राजनीति में प्रवेश को लेकर पूछे गए सवाल पर ललन सिंह ने संयमित जवाब दिया। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह मुख्यमंत्री का निजी और पारिवारिक फैसला है और फिलहाल इस पर कोई टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी।






















