पटना। बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar Inspection) ने राजवंशी नगर स्थित लोकनायक जयप्रकाश नारायण सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस 400 बेड के अति विशिष्ट हड्डी रोग अस्पताल के निर्माण कार्य में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं होनी चाहिए और इसे तय समयसीमा में तेजी से पूरा किया जाए। उनका जोर इस बात पर रहा कि राज्य के मरीजों को इलाज के लिए बाहर न जाना पड़े और अत्याधुनिक सुविधाएं उन्हें अपने ही राज्य में एक ही छत के नीचे उपलब्ध हों।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से निर्माण की प्रगति की विस्तार से जानकारी ली और अस्पताल की परिकल्पना के मूल उद्देश्य को दोहराया। उन्होंने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण अस्पताल को हड्डी रोग के सुपर स्पेशियलिटी केंद्र के रूप में विकसित करने का सपना वर्षों पहले देखा गया था, जिसे अब आधुनिक स्वरूप दिया जा रहा है। नया भवन केवल एक अस्पताल नहीं बल्कि बिहार में ऑर्थोपेडिक इलाज का एक ऐसा केंद्र बनेगा, जहां जटिल से जटिल हड्डी रोगों का भी उच्च स्तर पर उपचार संभव होगा।
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मुख्यमंत्री ने इसी क्रम में मौजूदा लोकनायक जयप्रकाश नारायण अस्पताल का भी निरीक्षण किया और वहां की स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया। उन्होंने मरीजों और उनके परिजनों से सीधे संवाद कर इलाज, दवाओं और सुविधाओं की स्थिति के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया कि मरीजों के इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और संवेदनशीलता के साथ बेहतर चिकित्सा सेवाएं सुनिश्चित की जाएं।

गौरतलब है कि वर्ष 2012 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण अस्पताल, राजवंशी नगर, पटना को हड्डी रोग के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के रूप में विकसित करने की घोषणा की थी। उसी घोषणा के तहत 215 करोड़ रुपये की लागत से 400 बेड वाले अति विशिष्ट अस्पताल भवन के निर्माण को स्वीकृति दी गई। यह छह मंजिला भवन आधुनिक स्वास्थ्य ढांचे का उदाहरण होगा, जिसमें 250 वाहनों की पार्किंग, छह अत्याधुनिक लिफ्ट, छह ऑपरेशन थियेटर, 42 आईसीयू बेड और 15 प्राइवेट वार्ड जैसी सुविधाएं शामिल हैं। निर्माण कार्य प्रगति पर है और इसे मार्च 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।
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इस सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में इलाज को प्रभावी और सुचारु बनाने के लिए 66 विशेषज्ञ चिकित्सकों सहित कुल 140 पदों का सृजन किया गया है। इसके शुरू हो जाने से बिहार ही नहीं, बल्कि आसपास के राज्यों के हड्डी रोग से पीड़ित मरीजों को भी बड़ी राहत मिलेगी। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, यह अस्पताल पटना को पूर्वी भारत के एक प्रमुख ऑर्थोपेडिक ट्रीटमेंट सेंटर के रूप में स्थापित कर सकता है। निरीक्षण के समय मुख्यमंत्री के साथ उनके प्रधान सचिव दीपक कुमार, स्वास्थ्य विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव कुमार रवि, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. चन्द्रशेखर सिंह, जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।




















