बिहार की राजधानी पटना के मीठापुर क्षेत्र में उच्च तकनीकी शिक्षा के सपनों को नई रफ्तार मिलती दिख रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने बुधवार को बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय और बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय के निर्माणाधीन परिसरों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि गुणवत्ता से कोई समझौता किए बिना कार्य को तेजी से पूरा किया जाए। मुख्यमंत्री का यह दौरा केवल एक औपचारिक निरीक्षण नहीं, बल्कि राज्य में तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की रणनीति का संकेत भी माना जा रहा है।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के छात्र-छात्राओं को अब उच्च स्तरीय तकनीकी और पेशेवर शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों की ओर रुख न करना पड़े, इसी उद्देश्य से इन दोनों विश्वविद्यालयों की स्थापना की गई है। उन्होंने निर्माण एजेंसियों से समयबद्ध तरीके से काम पूरा करने और आधुनिक सुविधाओं के साथ भवन तैयार करने पर विशेष जोर दिया। उनका मानना है कि शिक्षा के क्षेत्र में मजबूत बुनियादी ढांचा ही युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करता है।
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बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय का परिसर आधुनिक शैक्षणिक जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया जा रहा है। करीब 27,567 वर्गमीटर क्षेत्रफल में बन रहे इस विश्वविद्यालय में प्रशासनिक सह शैक्षणिक भवन, परीक्षा कक्ष, औषधालय, बहुउद्देशीय मंच, प्रतीक्षालय, सूचना केंद्र, नामांकन शाखा, कुलाधिपति कक्ष और प्रशिक्षण सह स्थानन शाखा जैसी सुविधाएं प्रस्तावित हैं। यह विश्वविद्यालय राज्य में चिकित्सा और स्वास्थ्य से जुड़े पाठ्यक्रमों को एक संगठित और आधुनिक मंच प्रदान करेगा, जिससे मेडिकल एजुकेशन की गुणवत्ता में बड़ा सुधार होने की उम्मीद है।
वहीं बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय का मुख्य भवन चार मंजिला होगा और इसका कुल निर्मित क्षेत्रफल लगभग 1,11,732 वर्गफीट बताया गया है। यह विश्वविद्यालय इंजीनियरिंग शिक्षा को नई दिशा देने के साथ-साथ शोध और नवाचार को भी बढ़ावा देगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संस्थान बिहार के युवाओं को तकनीकी दक्षता से लैस कर राज्य के औद्योगिक और बुनियादी विकास में अहम भूमिका निभाएगा।
मीठापुर क्षेत्र पहले से ही पटना के प्रमुख शैक्षणिक हब के रूप में उभर चुका है। यहां चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान, आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय, निफ्ट, चाणक्या लॉ यूनिवर्सिटी और मौलाना मजहरूल हक अरबी एवं फारसी विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित संस्थान मौजूद हैं। मुख्यमंत्री ने अपने निरीक्षण के दौरान कहा कि इन दोनों नए विश्वविद्यालयों के निर्माण से यह इलाका और अधिक विकसित तथा आकर्षक नजर आएगा। शिक्षा, शोध और नवाचार का यह क्लस्टर न केवल पटना बल्कि पूरे बिहार की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करेगा।






















