मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज पटना डेयरी प्रोजेक्ट, सुधा (Sudha Dairy Expansion) फुलवारीशरीफ प्लांट का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर उत्पादन बढ़ाने, नई तकनीक अपनाने और डेयरी नेटवर्क के विस्तार के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दुग्ध सहकारी समितियों का विस्तार होने से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर बनेंगे और किसानों की आय में वृद्धि होगी। अभी बिहार में लगभग 7.5 लाख दुग्ध उत्पादक जुड़े हैं, जिनमें 25 प्रतिशत महिलाएँ हैं। राज्य में रोजाना करीब 54 लाख लीटर दूध का संकलन और प्रसंस्करण किया जा रहा है।
कॉम्पफेड अधिकारियों ने बताया कि ‘सुधा’ ब्रांड के तहत प्रतिदिन करीब 18 लाख लीटर दूध की बिक्री हो रही है और उत्पादन बढ़ाने के लिए नए चिलिंग सेंटर, बल्क मिल्क कूलर और आधुनिक प्रसंस्करण इकाइयाँ विकसित की जा रही हैं।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार को दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रसंस्करण क्षमता और विपणन तंत्र को और मजबूत किया जाएगा। उन्होंने कृषि रोड मैप के तहत किसानों और पशुपालकों को अधिक सहायता देने की बात भी दोहराई।




















