बिहार विधानसभा के भीतर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) द्वारा नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर कथित तौर पर छह विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाए जाने के बाद राज्य की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के वरिष्ठ विधायक भाई वीरेंद्र ने पूरे विवाद को “चाचा-भतीजे की आपसी राजनीतिक बयानबाजी” बताते हुए कहा कि ऐसे आरोप नई बात नहीं हैं, लेकिन इन्हें लेकर लगातार राजनीतिक माहौल गरमाना लोकतांत्रिक संवाद के लिए उचित नहीं है। विधानसभा के अंदर और बाहर दोनों ही स्तर पर इस बयान के बाद सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी जुबानी जंग देखने को मिल रही है।
भाई वीरेंद्र ने कहा कि बिहार की राजनीति में व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप की परंपरा लंबे समय से रही है, लेकिन इससे आम जनता के मुद्दे पीछे छूट जाते हैं। उनके अनुसार सत्ता पक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों का मकसद राजनीतिक दबाव बनाना और विपक्ष की छवि को प्रभावित करना हो सकता है। उन्होंने संकेत दिया कि राजनीतिक बयानबाजी को व्यक्तिगत हमलों तक सीमित करने के बजाय नीतिगत बहस पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है।
तेजस्वी यादव द्वारा हाल ही में चुनावी राजनीति में बड़े पैमाने पर खर्च और कथित तौर पर 40,000 करोड़ रुपये के इस्तेमाल के आरोपों का समर्थन करते हुए भाई वीरेंद्र ने कहा कि विधानसभा चुनाव में विपक्ष को हराने के लिए प्रशासनिक तंत्र और आर्थिक संसाधनों का व्यापक उपयोग किया गया। उनके मुताबिक हर विधानसभा क्षेत्र में विपक्षी उम्मीदवारों को कमजोर करने के लिए ज्यादा से ज्यादा संसाधन लगाए गए, जिससे चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं। हालांकि, सत्तापक्ष इन आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी बताकर खारिज करता रहा है।
आरक्षण के मुद्दे पर भी उन्होंने स्पष्ट रुख अपनाया। तेजस्वी यादव की 85 प्रतिशत आरक्षण की मांग को सही बताते हुए भाई वीरेंद्र ने कहा कि बिहार में हुई जातीय गणना के आधार पर सामाजिक न्याय को मजबूत करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इसे संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए पहले भी प्रयास किए गए थे, लेकिन सफलता नहीं मिली। अब जब केंद्र सरकार जनगणना की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है, तो सामाजिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए इस दिशा में कदम उठाए जाने चाहिए।
विधानसभा में तेजस्वी यादव के खड़े होकर बोलने को लेकर उठे विवाद पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी। भाई वीरेंद्र ने कहा कि तेजस्वी यादव घायल हैं और उनके नाखून में गंभीर चोट लगी है, जिसके कारण वे व्हीलचेयर का उपयोग कर रहे हैं। ऐसे में उनकी शारीरिक स्थिति को समझने के बजाय इसे राजनीतिक मुद्दा बनाना संवेदनहीनता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि राजनीति में मानवीय संवेदना भी उतनी ही जरूरी है जितनी वैचारिक बहस।






















