जंग है तो योद्धा भी होंगे। योद्धा होंगे तो वार भी होगा। पलटवार भी होगा। फिर जंग से पहले राजनीतिक चालें भी चली जाएंगी। उनका जवाब भी दिया जाएगा। केंद्र में कुर्सी की जंग की तारीख तो 2024 निर्धारित है। एक तरफ के योद्धा के रूप में नरेंद्र मोदी पहले से हैं। सवाल उनके विरोधी सेनापति का है। तो इसमें बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने अपनी ओर से दावेदारी का प्रस्ताव सार्वजनिक कर दिया है। बयानों से माहौल बनाया जा रहा है। कभी इकरार, कभी इनकार कर सबकी सहमति का प्रयास किया जा रहा है। इस बीच पीएम मोदी ने सीधे नीतीश कुमार पर हमला बोला तो उसका जवाब नीतीश कुमार अपने अंदाज में दिया है।
नरेंद्र मोदी ने नीतीश को मान लिया विरोधी दल का सेनापति!
विपक्षी दलों की बैठकों में नेता चुना जाएगा, यह सिर्फ छलावा है। नीतीश कैम्प लगातार इस दिशा में माहौल बना रहा है कि विपक्ष के पास नीतीश से बेहतर कोई चेहरा नहीं है। पटना आए तेलंगाना के सीएम केसीआर ने भी कहा कि सब साथ आए तो ठीक नहीं तो अलग अलग ही लड़ेंगे। ऐसे में विपक्ष ने अपना नेता भले ही नहीं चुना हो लेकिन अब लग रहा है, नरेंद्र मोदी ने अपना विरोधी सेनापति नीतीश कुमार को चुन लिया है।
भ्रष्टाचार के बहाने नीतीश पर वार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केरल के दौरे पर गए। इस दौरे में नरेंद्र मोदी ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का वक्त आ गया है। जैसे जैसे भ्रष्टाचारियों पर एक्शन हो रहा है तो देश की राजनीति में नया पोलराइजेशन भी शुरू हो गया है। भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों को बचाने के लिए कुछ राजनीतिक दल खुल कर के सामने आ गए हैं। संगठित होने का प्रयास कर रहे हैं। माना जा रहा है कि लालू परिवार पर भ्रष्टाचार के आरोपों और नीतीश कुमार के उनके साथ गठबंधन पर वार कर नीतीश कुमार की छवि के खिलाफ पीएम मोदी का वार 2024 के लोकसभा चुनाव से संबंधित है।
नीतीश ने पीएम के वार पर किया पलटवार
पीएम मोदी के केरल के बयान पर नीतीश कुमार भी पूरी तरह अटैकिंग मोड में आ गए हैं। उन्होंने कहा कि कोई है केंद्र में जो बोलते रहते हैं, उस पर हम ध्यान नहीं देते। भ्रष्टाचारियों को बचाने के मुद्दे पर सीएम नीतीश ने कहा कि कहां कोई बचा रहा है? राज्यों में सत्ता बदलने का जो प्रयास हो रहा है वो क्या है, बताएं पीएम। बिहार में भ्रष्टाचारियों पर कोई समझौता नहीं है।




















