बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान गुरुवार को भारी सियासी गहमागहमी देखने को मिली। नीट (NEET) छात्रा मामले को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और विधानसभा परिसर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। विपक्षी विधायकों ने एकजुट होकर राज्य सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए और उसे “गूंगी-बहरी” करार देते हुए जमकर नारेबाजी की। विपक्ष का सीधा आरोप है कि सरकार गंभीर आपराधिक घटनाओं को लेकर पूरी तरह संवेदनहीन बनी हुई है।
कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी सदस्य हाथों में तख्तियां लेकर परिसर में जमा हो गए। विपक्षी नेताओं ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि नीट छात्रा मामले में अब तक न तो दोषियों की गिरफ्तारी हुई है और न ही जांच की प्रक्रिया पारदर्शी नजर आ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और अपराधियों के हौसले बुलंद हैं, जिससे आम जनता के बीच असुरक्षा का भाव पैदा हो गया है। विपक्षी विधायकों का कहना था कि सरकार अपराधों को नियंत्रित करने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है।
प्रदर्शन के दौरान कई विधायकों ने स्पष्ट किया कि वे इस मुद्दे को सदन के भीतर भी प्रमुखता से उठाएंगे। उनका तर्क था कि यह महज एक घटना नहीं है, बल्कि बिहार में लगातार गिरते कानून-व्यवस्था के स्तर का प्रतिबिंब है। विपक्ष की मांग है कि इस पूरे मामले की समयबद्ध और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके और दोषियों को कड़ी सजा दी जाए।दूसरी ओर, सत्ता पक्ष की ओर से इस प्रदर्शन पर अभी कोई विस्तृत आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन सरकार ने स्पष्ट किया है कि जांच एजेंसियां अपनी कार्रवाई पूरी गंभीरता से कर रही हैं। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने इस मामले की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) को सौंप दी है। सीबीआई की टीम लगातार साक्ष्य जुटाने में लगी है और इस कड़ी में छात्रा के जहानाबाद स्थित घर तक पहुंच कर जांच की जा चुकी है। सरकार का दावा है कि जांच को अंजाम तक पहुंचाया जाएगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।






















