Team Insider: पद्मश्री सिंधुताई सपकाल(PadmaShri Sindutai Sapkal) ‘अनाथों की माँ’, एक प्रसिद्ध भारतीय सामाजिक कार्यकर्ता(Indian Social Worker), जिनका कल यानि 4 जनवरी को हार्ट अटैक से निधन हो गया। इन्हें खास तौर पर भारत में अनाथों(Orphans) को सहारा देने के लिए जाना जाता है। यह एक ऐसी महान इंसान थी जो हमेशा हमारे दिलों में रहेगी।
74 साल की उम्र में हुआ निधन
अनाथों के लिए काम करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता पद्मश्री सिंधुताई सपकाल का 74 साल की उम्र में निधन हो गया। कई अनाथों ने फिर से अपनी माँ को खो दिया। सिंधुताई सपकाल पुणे के ग्लैक्सी हॉस्पीटल में भर्ती थीं। अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार हार्ट अटैक की वजह से उनका निधन हुआ।
अनाथों के पालन-पोषण में किया जीवन समर्पित
बता दें की अनाथों की माँ, सिंधुताई ने हमेशा अनाथ बच्चों के जीवन को प्राथमिकता देने पर अपना ध्यान केंद्रित किया है। उन्होंने बताया कि कैसे विपरीत परिस्थितियाँ हम में से सर्वश्रेष्ठ को सामने लाती हैं। उन्होंने अब तक हजारों अनाथों को गोद लिया और उनका पालन-पोषण करने में अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। उन्हें 2014 में अहमदिया मुस्लिम शांति पुरस्कार से समानित किया गया। इन्होंने अपने एक इंटरव्यू में कहा था की फिलहाल हजारों बच्चों की माँ हूँ, अभी लाखों की माँ बनना बाकी हैं। ऐसी महान हस्ती को Insider Team की और से विन्रम श्रद्धांजलि।