पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव (Pappu Yadav Arrest) को 31 साल पुराने मामले में गिरफ्तार किए जाने की खबर सामने आई। इस गिरफ्तारी ने राजनीतिक गलियारों में नए सवाल खड़े कर दिए हैं और विपक्ष से लेकर सत्ता पक्ष तक बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है। खास तौर पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के बयान ने इस पूरे मामले को नया राजनीतिक आयाम दे दिया है।
दरअसल, पप्पू यादव पिछले दिनों नीट छात्रा की मौत के मुद्दे को लगातार उठाते रहे थे और राज्य सरकार व प्रशासन पर सवाल खड़े कर रहे थे। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि उन्हें यह जानकारी मिल रही है कि पप्पू यादव नीट छात्रा की मौत के मामले को प्रमुखता से उठा रहे थे, इसलिए उन्हें सीधे उस मामले में नहीं बल्कि पुराने केस में गिरफ्तार किया गया। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है और न्यायिक प्रक्रिया पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।
मांझी ने इस दौरान संतुलित रुख अपनाते हुए कहा कि कानून अपना काम कर रहा है और जांच एजेंसियां स्वतंत्र रूप से कार्य कर रही हैं। उन्होंने नीट छात्रा की मौत के मामले को लेकर भी कहा कि सरकार गंभीर है और गृह मंत्री सम्राट चौधरी स्वयं इस मामले की निगरानी कर रहे हैं। पटना पुलिस, एसआईटी और सीबीआई जैसी एजेंसियां मामले की जांच में जुटी हैं, जिससे साफ संकेत मिलता है कि राज्य प्रशासन इस मुद्दे को संवेदनशीलता के साथ देख रहा है।






















