पटना: पूर्णिया के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव (Pappu Yadav Arrest) की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। 31 साल पुराने मामले में गिरफ्तारी के बाद अब उनके खिलाफ एक और नया मामला दर्ज कर लिया गया है। पटना पुलिस ने सांसद और उनके करीब 20 समर्थकों पर पुलिसकर्मियों को डराने-धमकाने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है। इस पूरे घटनाक्रम ने बिहार की राजनीतिक हलचल को तेज कर दिया है और कानून-व्यवस्था को लेकर कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं।
सूत्रों के अनुसार, पटना के बुद्धा कॉलोनी थाना क्षेत्र में दर्ज एफआईआर में कहा गया है कि कोर्ट के आदेश पर जब पुलिस टीम सांसद को गिरफ्तार करने उनके आवास पर पहुंची, तब ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मियों को रोका गया और माहौल तनावपूर्ण बना दिया गया। आरोप है कि सांसद और उनके समर्थकों ने पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश की और उन्हें डराने-धमकाने का प्रयास किया, जिससे कोर्ट के आदेश का पालन करने में बाधा उत्पन्न हुई। हालांकि, पुलिस ने अंततः न्यायालय के निर्देशों के अनुसार सांसद को हिरासत में लेकर कार्रवाई पूरी की।
रविवार को जब पप्पू यादव को कोर्ट में पेश किया गया और उसके बाद बेऊर जेल भेजा गया, तब बड़ी संख्या में उनके समर्थक मौजूद रहे। गिरफ्तारी के दौरान और कोर्ट परिसर में भारी भीड़ और नारेबाजी के कारण स्थिति कुछ समय के लिए हाई वोल्टेज ड्रामे में बदल गई। पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा करते हुए पूरे इलाके में अतिरिक्त बल तैनात किया, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।






















