पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव (Pappu Yadav Arrest) को एक पुराने मामले में देर रात हिरासत में लिए जाने के बाद पहले आईजीआईएमएस में चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया, फिर सुबह उन्हें पीएमसीएच लाया गया और अब सिविल कोर्ट में एमपी-एमएलए कोर्ट के समक्ष पेश किया गया है। इस पूरी प्रक्रिया ने न केवल उनके समर्थकों को सड़क पर ला दिया है, बल्कि राज्य की राजनीति में भी नई बहस को जन्म दे दिया है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद सांसद की तबीयत को देखते हुए तत्काल इलाज कराया गया ताकि किसी तरह की चिकित्सकीय चूक न हो। आईजीआईएमएस में प्रारंभिक जांच के बाद उन्हें पीएमसीएच रेफर किया गया, जहां मेडिकल एग्जामिनेशन की औपचारिकताएं पूरी की गईं। इसके बाद उन्हें सिविल कोर्ट लाया गया, जहां एमपी-एमएलए मामलों की विशेष अदालत में सुनवाई चल रही है। कानूनी प्रक्रिया के तहत 24 घंटे के भीतर अदालत के सामने पेशी अनिवार्य होती है और उसी प्रक्रिया का पालन किया गया।
इस घटनाक्रम पर सिटी एसपी भानु प्रताप का बयान भी सामने आया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमानुसार तय समय-सीमा के भीतर पप्पू यादव को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। मेडिकल जांच को प्राथमिकता देने का कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि आरोपी की सेहत से समझौता नहीं किया जा सकता और कानून सभी पर समान रूप से लागू होता है। वहीं, गिरफ्तारी के दौरान सांसद को गिराए जाने के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए भानु प्रताप ने इन दावों को निराधार करार दिया और कहा कि यह आरोप तथ्यों से परे लगते हैं।
वहीं पप्पू यादव के वकील शिवनंदन भारती ने बताया कि सांसद पप्पू यादव केस की सुनवाई सोमवार को होगी। फिलहाल हॉस्पिटल जेल में ही उनका इलाज होगा। वकील ने कहा कोर्ट ने सोमवार का समय दिया है। उनके स्वास्थ्य को देखते हुए उनका इलाजPMCH में होगा।






















