पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव (Pappu Yadav) ने उत्तराखंड की भाजपा सरकार की एक महिला मंत्री के पति द्वारा बिहार की बेटियों को 20–25 हजार रुपये में खरीदे जाने जैसी आपत्तिजनक टिप्पणी पर कड़ा और भावनात्मक विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने इसे सिर्फ एक बयान नहीं, बल्कि पूरे बिहार और खासकर महिलाओं की गरिमा पर सीधा हमला करार दिया। पप्पू यादव का कहना है कि इस तरह की भाषा समाज को बांटने और महिलाओं को वस्तु की तरह देखने वाली सोच को बढ़ावा देती है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि महिलाओं के सम्मान से जुड़ा कोई भी मामला राजनीति से ऊपर है। भले ही वे बिहार के नाम पर राजनीति करने से बचते हों, लेकिन जब बात महिलाओं की इज्जत की आती है तो समझौते की कोई गुंजाइश नहीं रहती। पप्पू यादव ने इस बयान को नफरत और विभाजन की राजनीति का उदाहरण बताते हुए कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि समाज में गलत संदेश न जाए।
अपने बयान में पप्पू यादव ने मौजूदा राजनीति पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज “बाबा और नेता” की राजनीति में कोई फर्क नहीं रह गया है। दोनों ही वर्ग जनता को गुमराह कर रहे हैं और असली मुद्दों से ध्यान भटका रहे हैं। उनके अनुसार, इस तरह की राजनीति लोकतंत्र को कमजोर करती है और सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचाती है।
बांग्लादेश से जुड़े एक अलग मुद्दे पर भी पप्पू यादव ने सवाल उठाए। बीसीसीआई द्वारा अभिनेता शाहरुख खान से कथित तौर पर बांग्लादेशी खिलाड़ी को आईपीएल टीम से हटाने की बात कहे जाने पर उन्होंने संवैधानिक अधिकारों पर सवाल खड़े किए। उनका कहना है कि अगर किसी देश के साथ राजनीतिक या कूटनीतिक तनाव के कारण खेल पर असर डाला जा रहा है, तो फिर व्यापार और कारोबारी रिश्तों में भी वही सख्ती क्यों नहीं दिखाई जाती। उन्होंने याद दिलाया कि पाकिस्तान के साथ तनाव के बावजूद भारत ने क्रिकेट खेला है और जब स्वार्थ होता है, तब नियम और नैतिकताएं बदल दी जाती हैं।
तेजस्वी यादव के कथित तौर पर ‘लापता’ पोस्टर जारी किए जाने को लेकर भी पप्पू यादव ने भाजपा को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि किसी भी नेता की निजी जिंदगी को इस तरह सार्वजनिक बहस का मुद्दा बनाना न केवल गलत है, बल्कि लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ भी है। हर व्यक्ति को अपनी निजी जिंदगी जीने का अधिकार है, लेकिन भाजपा की राजनीति अब लोगों की निजी जिंदगी में झांकने तक सीमित रह गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के पास खुद ऐसे कई नेता हैं, जिनका विवादों से पुराना रिश्ता रहा है।
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भ्रष्टाचार के मुद्दे पर बोलते हुए पप्पू यादव ने कहा कि भाजपा को दूसरों पर उंगली उठाने से पहले अपने नेताओं और सरकारों के कामकाज का हिसाब देना चाहिए। उन्होंने अजित पवार के उस बयान का जिक्र किया, जिसमें बीएमसी को ‘लूट का अड्डा’ बताया गया था, और सवाल उठाया कि इस पर भाजपा की स्पष्ट स्थिति क्या है।
केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए पप्पू यादव ने कहा कि मौजूदा राजनीति नफरत पर आधारित हो चुकी है, जिसका सबसे बड़ा खामियाजा गरीबों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं को कमजोर कर गरीबों की आजीविका पर सीधा हमला किया जा रहा है। उनके अनुसार, सत्ता का असली उद्देश्य लोगों को राहत देना होना चाहिए, न कि उन्हें और अधिक परेशान करना।






















