पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव (Pappu Yadav Viral News) का एक अलग ही अंदाज एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। 13 जनवरी को मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित दही-चूड़ा भोज और सांस्कृतिक कार्यक्रम के बीच जो हुआ, उसने राजनीति, प्रशासन और संवेदनशीलता- तीनों को एक ही फ्रेम में ला खड़ा किया। गीत-संगीत, मंच, माइक और तालियों के बीच अचानक एक फरियादी कटिहार से पहुंचा और अपनी नाबालिग बेटी के अपहरण की पीड़ा सांसद के सामने रख दी। यहीं से इस पूरे घटनाक्रम ने एक नया मोड़ ले लिया।
मंच पर मौजूद पप्पू यादव ने न तो कार्यक्रम की औपचारिकता को ढाल बनाया और न ही भीड़ को बहाना। फरियाद सुनते ही उन्होंने मंच से ही SHO को फोन लगाया और साफ शब्दों में कहा कि शाम तक बच्ची को बरामद किया जाए। बात यहीं खत्म नहीं हुई। उन्होंने फरियादी को भरोसा दिलाते हुए कहा कि आप अपनी बात रखिए, जरूरत पड़ी तो मैं सीधे एसपी से बात करूंगा। इसके बाद उन्होंने कटिहार के पुलिस अधीक्षक को फोन कर त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया और अपहरण के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने की बात कही।
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इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि पप्पू यादव एक हाथ में माइक थामे मंच से कार्यक्रम को संभाल रहे हैं और दूसरे हाथ से फोन पर प्रशासनिक अधिकारियों से बात कर रहे हैं। मंच से जब उद्घोषक ने उनके इस अंदाज की तारीफ शुरू की, तो पप्पू यादव ने तुरंत टोकते हुए कहा कि किसी की बेटी का अपहरण हुआ है और आप तारीफ कर रहे हैं। यह संवाद ही उनकी छवि को और मजबूत कर देता है।






















