Pappu Yadav release: पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव की रिहाई का रास्ता आखिरकार साफ हो गया है। शुक्रवार को सभी लंबित मामलों में जमानत मिलने के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि वे शाम सात बजे तक बेऊर जेल से बाहर आ सकते हैं। इस पूरे घटनाक्रम को केवल एक कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति में एक अहम मोड़ के रूप में देखा जा रहा है।
छह फरवरी की रात पटना स्थित आवास से उनकी गिरफ्तारी ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी थी। 31 साल पुराने दबंगई से जुड़े एक मामले में पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया और अगले दिन न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल भेज दिया गया। इसके साथ ही पटना के अलग-अलग थानों में दर्ज तीन अन्य मामलों में भी उनका प्रोडक्शन कर रिमांड की कार्रवाई हुई, जिससे उनकी रिहाई लगातार टलती चली गई।
न्यायालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार, पटना के कोतवाली और बुद्धा कॉलोनी थानों में दर्ज मामलों के साथ-साथ पूर्णिया कोर्ट में लंबित केसों में भी उन्हें जमानत दे दी गई है। इन मामलों में धरना, प्रदर्शन और सरकारी कार्य में बाधा डालने जैसे आरोप शामिल थे। अदालत के इस फैसले ने यह स्पष्ट कर दिया कि अब उनके जेल में बने रहने का कोई कानूनी आधार नहीं बचा है।
इस पूरे प्रकरण में एक और दिलचस्प मोड़ तब आया, जब स्वास्थ्य कारणों से उन्हें पीएमसीएच लाया गया और मेडिकल रिपोर्ट सामान्य आने के बाद दोबारा जेल भेज दिया गया। इसी बीच उनकी जमानत याचिकाओं पर सुनवाई चलती रही, लेकिन कोर्ट को बम से उड़ाने की अफवाहों के चलते दो दिनों तक फैसला टलता रहा। यह स्थिति न केवल प्रशासनिक चुनौती बनी, बल्कि राजनीतिक रूप से भी संवेदनशील मानी गई।
1995 से जुड़े पुराने मामले में पहले ही जमानत मिलने के बावजूद उन्हें पटना के अन्य थानों में दर्ज मामलों में रिमांड पर ले लिया गया था। शुक्रवार को कोर्ट ने तीनों मामलों में राहत देते हुए बेल ग्रांट कर दी। फैसले की खबर सामने आते ही समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। फोन पर समर्थकों ने बताया कि रिहाई की औपचारिक प्रक्रिया पूरी की जा रही है और शाम 7 बजे तक वे जेल से बाहर आ सकते हैं।





















