बिहार में जातीय गणना के आंकड़े सामने आने के बाद से ही जमकर सियासत हो रही है। विपक्ष लगातार नीतीश सरकार पर हमला बोल रहा है। नीतीश सरकार पर गणना में गड़बड़ी करने के आरोप लगा रहे है। इसी कड़ी में अब राष्ट्रीय लोजपा ने भी जातीय गणना के आंकड़ों पर सवाल उठाए खड़े किए है। उनका आरोप है कि पासवान की जाति कम दिखाई गई है। क्योंकि पासवान जाति के लोग इन्हें महागठबंधन को वोट नहीं करते, इसलिए एक सोची समझी साजिश के तहत पासवान की जाति की संख्या कम दिखाई गई है।
केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय लोजपा के अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस ने आंकड़े पर सवाल खड़े करते हुए कहा है कि यह सभी जानते है सबसे ज्यादा जनसंख्या पासवान जाति की है। इसके बाद भी राजनीतिक द्वेष के कारण जातीय गणना में पासवान जाति के लोगों की संख्या कम दिखाई गई है, क्योंकि पासवान जाति के लोग आरजेडी को वोट नहीं देते है। इसके साथ ही पारस ने अन्य जाति के आंकड़ो में गड़बड़ी का आरोप लगाया है। इसके साथ ही उन्होंने सरकार से इसकी पूरी जांच कराने की मांग करते हुए दोषियों पर कार्रवाई करने के आरोप लगाए है।




















