Patel Samaj Dahi Chura Bhoj: राजधानी पटना के दरोगा राय पथ स्थित पटेल भवन में आयोजित पटेल समाज के दही-चूड़ा भोज मिलन समारोह ने केवल सामाजिक समरसता का नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति का भी अहम संदेश दिया।
पटेल समाज की ओर से आयोजित इस भव्य आयोजन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया और समाज के लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। पारंपरिक दही-चूड़ा भोज के माध्यम से समाज ने अपनी सांस्कृतिक एकता और राजनीतिक जागरूकता का प्रदर्शन किया। समारोह में हजारों की संख्या में लोगों की उपस्थिति यह बताने के लिए काफी थी कि पटेल समाज बिहार की सामाजिक और राजनीतिक संरचना में कितनी मजबूत भूमिका निभाता है।
कार्यक्रम का सबसे अहम राजनीतिक क्षण तब सामने आया जब पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह ने सार्वजनिक रूप से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अपना अभिभावक बताते हुए उनसे क्षमा याचना की। आरसीपी सिंह ने कहा कि यदि उनसे कोई भूल हुई हो तो अभिभावक के रूप में मुख्यमंत्री उन्हें क्षमा करें। उनके इस बयान को राजनीतिक हलकों में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह नीतीश कुमार के साथ पुराने संबंधों और भावनात्मक जुड़ाव को फिर से रेखांकित करता है।

आरसीपी सिंह ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ लंबे समय तक प्रशासनिक और राजनीतिक यात्रा साझा की है और उनसे अलग होना स्वाभाविक नहीं है। उन्होंने नीतीश कुमार के 25 वर्षों के कार्यकाल को बिहार के विकास के लिए ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि सड़क, बिजली, शिक्षा और कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में जो बदलाव आए हैं, वे नीतीश कुमार के नेतृत्व की पहचान हैं।
पटेल समाज के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए आरसीपी सिंह ने कहा कि इस समाज की जड़ें छत्रपति शिवाजी के काल से जुड़ी हैं और स्वतंत्रता आंदोलन में सरदार वल्लभभाई पटेल की भूमिका अतुलनीय रही है। उन्होंने देश के एकीकरण में सरदार पटेल के योगदान को याद करते हुए कहा कि आज का भारत उन्हीं की दूरदृष्टि का परिणाम है। उन्होंने यह भी कहा कि पटेल समाज बिहार के हर जिले में संगठित रूप से मौजूद है और पूरी तरह एकजुट है। नीतीश कुमार इसी समाज से आते हैं, यह पूरे समाज के लिए गर्व की बात है।
कार्यक्रम के संयोजक शंकर पटेल ने बताया कि इस दही-चूड़ा भोज में लगभग पांच हजार से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल भोज तक सीमित नहीं था, बल्कि सामाजिक एकता और राजनीतिक संवाद का एक मजबूत मंच भी बना। सह संयोजक जितेंद्र पटेल और जदयू महासचिव रणविजय कुमार ने आगंतुक अतिथियों का स्वागत किया।
समारोह में अनामिका सिंह पटेल, सीमा पटेल, जदयू नेता इर्शादुल्लाह, रामचरित्र प्रसाद, बाल श्रमिक आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद सिंह सहित कई प्रमुख चेहरे मौजूद रहे। बड़ी संख्या में महिलाओं और युवाओं की भागीदारी ने यह संकेत दिया कि पटेल समाज आने वाले राजनीतिक परिदृश्य में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार है।






















