पटना में (Patna Protest) नीट छात्रा के मौत मामले में AISA और APWA की महिला कार्यकर्ता विधानसभा का घेराव के लिए निकली हैं। शुरुआत शांतिपूर्ण रही, लेकिन जैसे-जैसे जुलूस जेपी गोलंबर की ओर बढ़ा, माहौल तनावपूर्ण हो गया। पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनज़र बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की। इसके बाद कुछ देर तक आमना-सामना चलता रहा और महिलाओं ने अवरोध तोड़ते हुए आगे बढ़ने का प्रयास किया।
मार्च के दौरान महिलाओं के हाथों में पोस्टर थे, जिन पर सरकार की कथनी-करनी पर सवाल उठाए गए। ‘बेटी बचाओ’ जैसे अभियानों और ज़मीनी हकीकत के बीच बढ़ते अंतर को लेकर नारे गूंजते रहे। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि राज्य में महिलाओं, छात्राओं और बच्चियों के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं और कई मामलों में प्रशासनिक संरक्षण की आशंका जताई जा रही है। उनका कहना है कि कानून-व्यवस्था की ढिलाई ने अपराधियों के हौसले बढ़ाए हैं, जिससे पीड़ित परिवारों को न्याय के लिए सड़क पर उतरना पड़ रहा है।
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जेपी गोलंबर पर रोके जाने के बाद जुलूस डाकबंगला चौराहे की ओर बढ़ा, जहां पुलिस ने फिर से बैरिकेडिंग कर भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की। इस दौरान नारेबाज़ी तेज़ होती गई और सत्ता पक्ष के खिलाफ नाराज़गी खुलकर सामने आई। प्रदर्शनकारियों ने मौजूदा सरकार की जवाबदेही तय करने और छात्रा की मौत के मामले में त्वरित, निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई। भीड़ का कहना था कि जब तक दोषियों पर सख़्त कार्रवाई नहीं होती और पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।





















