पटना का ऐतिहासिक गांधी मैदान शनिवार को एक बार फिर किताबों की खुशबू, साहित्यिक ऊर्जा और सांस्कृतिक उत्साह से गुलज़ार हो उठा। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर बहुप्रतीक्षित पटना पुस्तक मेला (Patna Book Fair 2025) का औपचारिक उद्घाटन किया। आयोजन समिति ने मुख्यमंत्री को पुस्तक भेंटकर उनका अभिनंदन किया, जिसके बाद उन्होंने पूरे पुस्तक मेला परिसर का विस्तृत निरीक्षण किया और विभिन्न राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रकाशकों के स्टॉलों का जायजा लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के विशेष स्टॉल का फीता काटकर उद्घाटन भी किया, जो आपदा जागरूकता और तैयारियों पर केंद्रित है।

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इस साल के पुस्तक मेले की विशेषता यह है कि इसमें सिर्फ साहित्यिक दुनिया ही नहीं, बल्कि सरकारी योजनाओं, तकनीकी नवाचार, शिक्षा, सामाजिक सरोकार और जनसंपर्क से जुड़े कई विभागों की प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग, महिला एवं बाल विकास निगम, श्रम संसाधन विभाग, विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग सहित कई संस्थानों ने अपनी-अपनी थीम आधारित प्रदर्शनी लगाई है, जो पाठकों और आगंतुकों को नए अनुभव प्रदान कर रही हैं। 16 दिसंबर तक चलने वाले इस मेले में हर आयु वर्ग के लिए ज्ञान, साहित्य, तकनीक और मनोरंजन का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।

उद्घाटन समारोह में जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष उदयकांत मिश्रा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, सचिव कुमार रवि और डॉ. चन्द्रशेखर सिंह सहित कई वरीय अधिकारी मौजूद रहे। वहीं पटना प्रमंडल के आयुक्त अनिमेष परासर, पुलिस महानिरीक्षक जीतेन्द्र राणा, जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम और वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी गरिमामय बना दिया। बड़ी संख्या में साहित्य, शिक्षा और कला प्रेमियों की मौजूदगी ने यह साबित कर दिया कि पटना पुस्तक मेला बिहार की सांस्कृतिक और बौद्धिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।






















