बिहार में नई सरकार के गठन के बाद प्रशासनिक मशीनरी जिस सक्रियता से काम कर रही है, उसका बड़ा संकेत एक बार फिर पटना में देखने को मिलेगा। गृह मंत्री सम्राट चौधरी के सख्त निर्देशों और ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत राजधानी पटना में एक बार फिर बुलडोजर की गर्जना (Patna Bulldozer Action) सुनाई देने वाली है। पटना डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम ने औपचारिक आदेश जारी कर बताया है कि 1 दिसंबर से पूरे शहर में बड़े स्तर पर पुनः विशेष अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया जाएगा, जिसमें कई सरकारी एजेंसियां एक साथ काम करेंगी।
यह अभियान सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि लगातार बेकाबू होते अतिक्रमण, बढ़ती यातायात समस्या और शहर की अव्यवस्थित होती संरचना को सुधारने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है। आदेश के अनुसार कुल नौ विशेष टीमों का गठन किया गया है, जिनमें नगर निगम, यातायात पुलिस, राजस्व विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों को शामिल किया गया है। यह टीम शहरी व्यवस्था को बाधित करने वाले छोटे से बड़े हर प्रकार के अतिक्रमण की पहचान कर कार्रवाई करेगी।
यह मल्टी-एजेंसी ड्राइव पटना नगर निगम के सभी छह अंचलों—नूतन राजधानी, पाटलिपुत्र, कंकड़बाग, बाँकीपुर, अजीमाबाद और पटना सिटी—में चलाया जाएगा। इसके साथ ही खगौल, दानापुर निजामत और फुलवारीशरीफ नगर परिषद क्षेत्रों में भी अभियान संचालित होगा, जहां अतिक्रमण लंबे समय से स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है।
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डीएम ने टीमों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आदतन अतिक्रमणकारियों की पहचान कर उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाए, और जो दोबारा अतिक्रमण करें, उन पर अनिवार्य रूप से प्राथमिकी दर्ज की जाए। यह कदम प्रशासन की उस बदलती नीति को दर्शाता है जिसमें सिर्फ हटाने भर नहीं, बल्कि रोकथाम और कानून के कड़े अनुपालन पर जोर दिया जा रहा है।
यातायात पुलिस भी इस अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। अभियान के दौरान शहर में विशेष वाहन चेकिंग अभियान चलाया जाएगा ताकि सड़क किनारे अवैध पार्किंग, जबरन कब्जा, ठेला-स्टॉल जमाने जैसी समस्याओं पर अंकुश लगाया जा सके। यह पहल सीधे तौर पर शहर में बढ़ रहे ट्रैफिक जाम और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
डीएम त्यागराजन ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया है कि अभियान के दौरान जनता से संवाद बनाए रखें और किसी भी कार्रवाई में आम नागरिकों की सुविधा को प्राथमिकता दें। प्रशासन का प्रयास है कि यह अभियान सख्ती के साथ-साथ पारदर्शिता और सकारात्मक समन्वय का उदाहरण बने, ताकि शहर की संरचना को नए सिरे से व्यवस्थित किया जा सके। गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने हाल ही में कई जिलों में विधि-व्यवस्था और अतिक्रमण के खिलाफ सख्त रुख दिखाया है। पटना में शुरू हो रहा यह विशेष अभियान उसी नीति का हिस्सा है।






















