पटना में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे चौकीदार-दफादारों पर हुए लाठीचार्ज (Patna Lathicharge) ने बिहार की राजनीति में नया भूचाल खड़ा कर दिया है। इस घटना को लेकर लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री Chirag Paswan ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे अत्यंत दुखद और निंदनीय बताते हुए कहा कि गांवों की सुरक्षा व्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले कर्मियों की आवाज को बल प्रयोग से दबाना किसी भी संवेदनशील प्रशासन के अनुरूप नहीं है। अब इस मामले को लेकर वे स्वयं मुख्यमंत्री Nitish Kumar से मुलाकात करेंगे, जिससे यह मुद्दा सीधे सत्ता के शीर्ष स्तर तक पहुंच गया है।
पटना में हुए इस लाठीचार्ज को लेकर राजनीतिक तापमान लगातार बढ़ रहा है। चौकीदार-दफादार वर्षों से ग्रामीण इलाकों में कानून-व्यवस्था की पहली कड़ी के रूप में काम करते रहे हैं। उनकी मांगें वेतन, सेवा-शर्तों, सामाजिक सुरक्षा और नियमितीकरण से जुड़ी बताई जा रही हैं। प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई ने न केवल प्रशासनिक संवेदनशीलता पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि सरकार और उसके सहयोगियों के बीच भी असहजता पैदा कर दी है।
चिराग पासवान ने स्पष्ट कहा कि सुधार के नाम पर लंबे समय से सेवा दे रहे परिवारों की आजीविका और गरिमा से समझौता स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने इस घटना को गंभीर और चिंताजनक बताते हुए ऐलान किया कि उनकी पार्टी सांसद Arun Bharti के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री से शीघ्र मुलाकात करेगा। प्रतिनिधिमंडल एक विस्तृत ज्ञापन सौंपेगा, जिसमें चौकीदार-दफादारों की मांगों के समाधान, सेवा-संबंधी समस्याओं के स्थायी निराकरण और कथित दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग शामिल होगी।
चिराग पासवान ने यह भी कहा कि वे स्वयं मुख्यमंत्री से मिलकर चौकीदार-दफादारों की आजीविका, सामाजिक सुरक्षा और सम्मान की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने का आग्रह करेंगे।






















