पटना की सियासी फिजा बुधवार को उस वक्त गरमा गई जब नेशनल हेराल्ड केस (National Herald Case) में अदालत के ताजा रुख के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। सदाकत आश्रम स्थित कांग्रेस मुख्यालय से शुरू हुआ यह विरोध मार्च बीजेपी दफ्तर की ओर बढ़ना चाहता था, लेकिन आयकर गोलंबर पर पहले से की गई बैरिकेडिंग ने काफिले को रोक दिया। इसके बाद वही इलाका राजनीतिक नारों, पोस्टरों और पुतला दहन का केंद्र बन गया। प्रदर्शन की अगुवाई बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम कर रहे थे और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता हाथों में बैनर-पोस्टर लेकर मौजूद रहे।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आरोप था कि नेशनल हेराल्ड केस के जरिए पार्टी के शीर्ष नेताओं को राजनीतिक बदले की भावना से घसीटा गया। प्रदर्शनकारियों ने बीजेपी विरोधी नारे लगाए और केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप दोहराया। माहौल पूरी तरह राजनीतिक संदेशों से भरा रहा, जहां कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह सिर्फ एक केस नहीं, बल्कि विपक्ष की आवाज दबाने की साजिश का प्रतीक है।
प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अदालत के फैसले ने यह साफ कर दिया है कि कांग्रेस नेताओं को झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि यह फैसला बीजेपी के लिए राजनीतिक तमाचा है और इससे साबित होता है कि जांच एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्ष को डराने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि दिल्ली की एक अदालत ने नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी, राहुल गांधी समेत अन्य लोगों को बड़ी राहत देते हुए ईडी की चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया है, क्योंकि एजेंसी की जांच एफआईआर के बजाय एक निजी शिकायत पर आधारित थी।
भाजपा जब-जब कमजोर होती है.. नेशनल हेराल्ड मामले में राजेश राम ने साधा निशाना
राजेश राम ने केंद्र सरकार को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर बदले की राजनीति इसी तरह चलती रही तो कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार राजनीतिक प्रतिशोध के लिए ईडी और आयकर विभाग जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है और जनता अब सब कुछ समझ रही है। उनका कहना था कि जानबूझकर परेशान करने की नीति लोकतंत्र के लिए खतरा है और कांग्रेस इसे हर मंच पर उजागर करेगी।
इस पूरे घटनाक्रम पर बिहार कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। पार्टी ने पोस्ट के जरिए मांग की कि ईडी और इनकम टैक्स के कथित दुरुपयोग को तुरंत रोका जाए और लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान किया जाए। कांग्रेस का दावा है कि नेशनल हेराल्ड केस पूरी तरह फर्जी है और इसे मोदी-शाह की जोड़ी ने राजनीतिक प्रतिशोध के तहत खड़ा किया है।





















