पटना में आगामी 77वें गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारी अब निर्णायक चरण में पहुँच गई है और इसी कारण ऐतिहासिक गांधी मैदान (Patna Gandhi Maidan) को आज रविवार से आम जनता के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है। प्रशासन की यह पाबंदी 25 जनवरी तक लागू रहेगी। राजधानी के केंद्र में स्थित यह मैदान हर वर्ष गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह का केंद्र रहा है, लेकिन इस बार पटना जिला प्रशासन ने सुरक्षा प्रोटोकॉल, भीड़ नियंत्रण और भव्यता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मैदान को अस्थायी रूप से प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया है।

शनिवार को डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ गांधी मैदान का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को शेष बची तैयारियों को समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार इस बार कार्यक्रम की व्यापकता पहले से अधिक है और मैदान के अंदर से लेकर बाहरी परिधि तक सुरक्षा के बहुस्तरीय इंतजाम किए जा रहे हैं।

गांधी मैदान को प्रशासनिक दृष्टिकोण से चार जोन में बांटा गया है, जहाँ अलग-अलग अपर जिला दंडाधिकारी और अपर पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारियों की तैनाती की गई है। यह व्यवस्था किसी आकस्मिक स्थिति में तत्काल निर्णय लेने और भीड़ प्रबंधन को सरल बनाने के उद्देश्य से की गई है। डीएम ने स्पष्ट कहा है कि भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और सुरक्षा कवच में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों पर नजर रखी जाएगी।
गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान व्यवस्थाएं सुचारू रहे, इसके लिए पटना प्रशासन ने उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक विशेष मल्टी-मेंबर सब-कमेटी बनाई है। यह समिति 24 घंटे निगरानी में सक्रिय रहेगी और मैदान से जुड़ी हर छोटी-बड़ी आवश्यकता पर तुरंत कार्यवाही करेगी। समिति में भवन निर्माण विभाग, पीएचईडी और श्री कृष्ण स्मारक विकास समिति के अधिकारी शामिल हैं। डीएम के अनुसार इस वर्ष समारोह को अधिक आकर्षक और व्यवस्थित बनाने के लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने, साफ-सफाई, सौंदर्यीकरण और मरम्मत के कार्य समय पर पूर्ण करने का निर्देश दिया गया है। जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी प्रवेश द्वारों पर ग्लो-साइन बोर्ड भी लगाए जाएंगे जिससे आगंतुकों को दिशा संबंधी परेशानी का सामना न करना पड़े।
11 जनवरी से परेड रिहर्सल शुरू होने जा रही है जिसमें विभिन्न सुरक्षा बलों और कैडेट टुकड़ियों की तालमेल देखने को मिलेगी। इस रिहर्सल को भी प्रशासन गंभीरता से ले रहा है क्योंकि वास्तविक समारोह से पहले सुरक्षा, अनुशासन और प्रस्तुति की व्यवहारिक समीक्षा इसी के माध्यम से की जाएगी। निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त, उप विकास आयुक्त, नगर पुलिस अधीक्षक और अन्य वरीय अधिकारी मौजूद रहे, जो इस बात का संकेत है कि गणतंत्र दिवस समारोह केवल औपचारिकता भर नहीं बल्कि एक सर्वोच्च स्तर का राज्य आयोजन है जिसकी तैयारी में कोई कमी नहीं छोड़ी जा रही।
















