छपरा. सारण जिले के चिरांद में पुरातात्विक स्थल का निरीक्षण करने पटना हाई कोर्ट के जस्टिस राजीव राय रविवार को पहुंचे। इस दौरान जस्टिस राजीव राय ने कि कि इतिहास को जानना और समेटना दोनों ही जरूरी है। भविष्य का निर्माण इतिहास के आधार पर ही होता है। चिरांद में खुदाई से 2,500 ईसा पूर्व से 30 ईस्वी तक मानव निवास शैलियों में विकास सहित स्तरीकृत ताम्रपाषाण, नवपाषाण और लौह युग की बस्तियां उजागर हुईं हैं।
इस दौरान मौजूद जिलाधिकारी से जस्टिस राय ने स्थल को सुरक्षित और साफ सफाई की व्यवस्था रखने को भी कहा। यहां जस्टिस राजीव राय ने पौधारोपण भी किया।
इस दौरान सारण विकास मंच के संयोजक शैलेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि यह सारण जिले के लिए गौरव का विषय है कि यहां पुरातात्विक स्थल हैं। जिला प्रशासन से आग्रह है कि इस ऐतिहासिक स्थल के संरक्षण की व्यवस्था जारी रहे।
इस दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश पुनीत कुमार गर्ग, जिलाधिकारी अमन समीर, छपरा म्यूजियम के निदेशक विमल तिवारी, दिल्ली विश्वविद्यालय के मोतीलाल नेहरू कॉलेज छात्र संघ के सचिव सुमित राज तेजस्वी, चिरांद पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि मनीष कुमार भी मौजूद रहे।