अपहरण, जिसे बॉलीवुड की फिल्मों ने बिहार में उद्योग का दर्जा दे दिया था। शनिवार को अचानक पटना पुलिस के सामने आया तो सब सन्न रह गए। यह अपहरण हुआ था पटना हाई कोर्ट के एक वकील का। वैसे अपहर्ता कच्चे निकले या पटना पुलिस, ये तो अलग बात है। राहत की बात इतनी सी है कि छह घंटे में अपहृत वकील बरामद कर लिए गए।
चार अपराधी पकड़े गए
यह घटना पटना हाई कोर्ट के वकील कुणाल गौरव त्रिपाठी के साथ घटी है। उनका अपहरण होने की सूचना पटना पुलिस को मिली। इस दौरान यह भी बताया गया कि अपहरणकर्ताओं ने वकील के परिजनों से पांच लाख रुपए की फिरौती मांगी है। इसके बाद पटना पुलिस एक्शन में आई। छह घंटे में ही वकील को बरामद कर लिया गया। साथ ही चार अपराधियों को पकड़ भी लिया गया।
वैशाली से हुई बरामदगी
पुलिस ने जब वकील की तलाश शुरू की तो CCTV में एक बोलेरो में गांधी सेतु की तरफ जाता देखा गया। मोबाइल लोकेशन की जांच में पता चला कि वैशाली में एक्टिव था फोन। इसके बाद सिटी एसपी सेंट्रल के नेतृत्व में गठित टीम ने वकील को बरामद कर लिया।
वकील पर लगाया ठगने का आरोप
अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार करने के बाद जब पुलिस ने पूछताछ शुरू की तो उन्होंने आरोप लगाया कि वकील ने नौकरी दिलाने का झांसा दिया था। साथ ही यह भी बताया कि वकील ने खुद को जज बताया। लेकिन नौकरी नहीं मिली तो पैसा मांगने पर टालमटोल शुरू हो गया। पुलिस ने इस मामले में औरंगाबाद के चंदन कुमार, वैशाली के रोहित कुमार, सुभाष कुमार और प्रिंस कुमार को गिरफ्तार किया है।




















