क्रिसमस के दिन जब शहर में उत्सव और आवाजाही चरम पर होती है, उसी दिन पटना मेट्रो (Patna Metro News) की सेवा ठप रहने से यात्रियों को बड़ा झटका लगा है। तकनीकी खराबी के कारण पटना मेट्रो रेल सेवा लगातार दूसरे दिन भी बहाल नहीं हो सकी, जिससे दैनिक यात्रियों से लेकर त्योहार पर सफर की योजना बना रहे लोगों तक को असुविधा झेलनी पड़ी। खास बात यह है कि यह रुकावट मेट्रो संचालन शुरू होने के महज 76 दिन बाद सामने आई है, जिससे परियोजना की तकनीकी तैयारियों पर भी सवाल उठने लगे हैं।
पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड की ओर से जारी सार्वजनिक सूचना के मुताबिक बुधवार को अचानक सामने आई तकनीकी समस्या के चलते मेट्रो सेवा रोकनी पड़ी थी। गुरुवार यानी क्रिसमस के दिन भी समस्या पूरी तरह दूर नहीं हो सकी, इसलिए यात्रियों के लिए मेट्रो उपलब्ध नहीं कराई जा सकी। निगम ने स्पष्ट किया है कि यह एक अप्रत्याशित तकनीकी खराबी है, जिसे दूर करने के लिए विशेषज्ञों की टीम लगातार काम कर रही है।

मेट्रो प्रबंधन ने अपने संदेश में यात्रियों से धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए असुविधा के लिए खेद जताया है। साथ ही यह भी भरोसा दिलाया गया है कि सेवा दोबारा शुरू होने से संबंधित सभी अपडेट केवल आधिकारिक माध्यमों से साझा किए जाएंगे। इस बीच, मेट्रो पर निर्भर रहने वाले यात्रियों को वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे सड़कों पर भीड़ और जाम की स्थिति बनती नजर आई।
पटना मेट्रो की प्रायोरिटी कॉरिडोर का उद्घाटन 6 अक्टूबर को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया था और 7 अक्टूबर से आम जनता के लिए इसका संचालन शुरू हुआ था। फिलहाल मेट्रो सेवा भूतनाथ, जीरो माइल और आईएसबीटी स्टेशनों के बीच संचालित की जा रही है, जहां न्यूनतम किराया 15 रुपये रखा गया है। सीमित रूट होने के बावजूद मेट्रो को शहर में यातायात के एक नए और भरोसेमंद विकल्प के तौर पर देखा जा रहा था।
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तकनीकी दृष्टि से देखें तो पटना मेट्रो की अधिकतम गति 40 किलोमीटर प्रति घंटे निर्धारित की गई है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी खास सतर्कता बरती जा रही है। स्टेशनों पर डबल लेयर सुरक्षा व्यवस्था लागू है और यात्रियों को दिल्ली मेट्रो की तर्ज पर कड़ी जांच प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। ऐसे में बार-बार तकनीकी कारणों से सेवा रुकना, यात्रियों के भरोसे को प्रभावित कर सकता है।
हालांकि मेट्रो प्रबंधन भविष्य को लेकर आशावादी है। नए साल में दो और स्टेशनों मलाही पकड़ी और खेमनीचक को शुरू करने की तैयारी है। मलाही पकड़ी स्टेशन पर सिविल और स्ट्रक्चर से जुड़े सभी कार्य पूरे हो चुके हैं, जबकि खेमनीचक में अलाइनमेंट और आंतरिक निर्माण का काम तेजी से चल रहा है। खेमनीचक एक महत्वपूर्ण कनेक्टिंग स्टेशन है, इसलिए इसका पूरा होना अन्य रूटों पर मेट्रो विस्तार के लिए अहम माना जा रहा है।
इसके अलावा पटना जंक्शन से रुकनपुरा और मीठापुर तक 9.35 किलोमीटर लंबा अंडरग्राउंड कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है, जहां टेस्टिंग, सिग्नलिंग और सुरक्षा मूल्यांकन जैसे अंतिम चरणों की प्रक्रिया जारी है। ऐसे में क्रिसमस के दिन आई यह तकनीकी अड़चन भले ही अस्थायी हो, लेकिन इसने पटना मेट्रो की विश्वसनीयता और संचालन क्षमता पर एक नई बहस जरूर छेड़ दी है।






















