Patna TTD Temple: पटना के मोकामा खास इलाके में तिरुपति तिरुमला देवस्थानम् (TTD) मंदिर निर्माण को लेकर बिहार सरकार द्वारा दी गई मंज़ूरी के बाद राजनीति और धार्मिक हलकों में हलचल तेज़ हो गई है। TTD बोर्ड के वरिष्ठ पदाधिकारी बीआर नायडू ने शनिवार को X पर पोस्ट कर बिहार सरकार और आंध्र प्रदेश सरकार के नेताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि पटना में TTD मंदिर निर्माण की स्वीकृति मिलने से उन्हें अत्यंत खुशी है। बिहार सरकार द्वारा 10.11 एकड़ ज़मीन को 99 साल के लिए मात्र 1 रुपए के टोकन लीज़ रेंट पर देने के फैसले को उन्होंने ऐतिहासिक कदम बताया।
बीआर नायडू ने इस निर्णय पर बधाई देने के लिए आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और राज्य के HRD मंत्री लोकेश गारू का भी धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि यह पूरा मामला सिर्फ़ एक धार्मिक परियोजना नहीं, बल्कि दो राज्यों के बीच सांस्कृतिक साझेदारी का मजबूत प्रतीक है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि बिहार टूरिज़्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन द्वारा MoU की प्रक्रिया के लिए आधिकारिक नॉमिनेशन कर दिया गया है। TTD के प्रतिनिधि जल्द ही मंदिर निर्माण से जुड़ी आगे की बातचीत शुरू करने वाले हैं, जिससे परियोजना को ज़मीन पर उतारने की दिशा में बड़ा कदम आगे बढ़ गया है।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब बिहार में चुनावी हलचल बढ़ रही है। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने पिछले साल सितंबर में मोकामा में तिरुपति बालाजी मंदिर निर्माण का ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि यह मंदिर न सिर्फ बिहार की सनातन परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को ऊंचाई देगा, बल्कि मोकामा क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगा और रोजगार के नए रास्ते खोलेगा। अब जब सरकार ने जमीन आवंटन के साथ परियोजना को औपचारिक रूप से मंज़ूरी दे दी है, यह घोषणा उनके चुनावी वादों को साकार करने जैसा माना जा रहा है।
माना जा रहा है कि बिहार जैसे राज्य में धार्मिक पर्यटन की संभावनाएं काफी बड़ी हैं। तिरुपति बालाजी मंदिर जैसी प्रतिष्ठित धार्मिक संरचना के बनने से स्थानीय अर्थव्यवस्था, छोटे व्यवसायों, होटल उद्योग और परिवहन सेवाओं को बड़ा लाभ मिल सकता है। इसके साथ ही मोकामा क्षेत्र को धार्मिक मानचित्र पर नई पहचान मिलने की उम्मीद भी बढ़ गई है।
बीआर नायडू के ट्वीट ने बिहार और आंध्र प्रदेश के राजनीतिक संबंधों पर भी रोशनी डाली है। यह संकेत दे रहा है कि दोनों राज्यों की सरकारें इस परियोजना को लेकर समान उत्साह और सहयोग की भावना रखती हैं। अब देखने वाली बात यह है कि TTD मंदिर निर्माण की प्रक्रिया कितनी तेज़ी से आगे बढ़ती है और कब तक इस बहुप्रतीक्षित परियोजना को मूर्त रूप मिल पाता है।





















