Patna Police Death: पटना पुलिस के लिए शनिवार की रात बेहद दर्दनाक साबित हुई। रामकृष्ण नगर थाना प्रभारी संजीव कुमार का अचानक सीने में तेज दर्द उठने के बाद निधन हो गया। ड्यूटी पूरी करने के ठीक बाद आए इस हार्ट अटैक ने पुलिस महकमे में गहरा शोक फैला दिया है। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद पटना पुलिस लाइन में उन्हें पूरे सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा, जिसके बाद उनका पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार के लिए मुजफ्फरपुर स्थित पैतृक गांव भेजा जाएगा।
जानकारी के अनुसार, संजीव कुमार शनिवार देर रात ड्यूटी से लौटे थे और गश्ती दलों को निर्देश देने के बाद अपने कार्यालय कक्ष में बैठे हुए थे। तभी अचानक उन्हें तीव्र सीने में दर्द की शिकायत हुई। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना अपने अधीनस्थ अधिकारियों को दी और आनन-फानन में उन्हें शहर के एक प्रतिष्ठित निजी नर्सिंग होम ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। देर रात ही यह दुखद सूचना उनके परिवार वालों को पहुंचाई गई।
संजीव कुमार 2009 बैच के सब-इंस्पेक्टर थे और अपने शांत स्वभाव, अनुशासन और बेहतर नेतृत्व क्षमता के कारण पुलिस विभाग में अलग पहचान रखते थे। हाल के वर्षों में वे पटना में महत्वपूर्ण थाना क्षेत्रों में तैनात रहे थे। उनके निधन ने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर जवानों तक सभी को स्तब्ध कर दिया है।
परिजनों के अनुसार, संजीव कुमार को ब्लड प्रेशर की समस्या रहती थी, हालांकि कभी गंभीर स्थिति दर्ज नहीं हुई थी। अचानक आए इस दर्द ने सबको हिला दिया। एडिशनल थाना प्रभारी ने बताया कि वे अपने पीछे दो नाबालिग बच्चों और परिवार को छोड़ गए हैं, जो इस सदमे से उबर नहीं पा रहे हैं। पुलिस विभाग ने परिवार को हर संभव सहायता देने की बात कही है।
पटना के पुलिस अधिकारियों का कहना है कि संजीव कुमार की मौत सिर्फ एक व्यक्तिगत क्षति नहीं, बल्कि पूरे विभाग के लिए एक बड़ी हानि है। लगातार तनावपूर्ण ड्यूटी, अनिश्चित कार्यसारिणी और उच्च जिम्मेदारियों के बीच पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है, इस घटना ने एक बार फिर उसे सामने ला दिया है।
रामकृष्ण नगर थाना परिवार, पटना पुलिस और पुलिस लाइन में तैनात कर्मी आज उन्हें अंतिम सलामी देने की तैयारी में जुटे हैं। एक समर्पित अधिकारी और संवेदनशील इंसान के रूप में संजीव कुमार की यादें लंबे समय तक विभाग को प्रेरित करती रहेंगी।






















