पटना साहिब एक बार फिर सिख इतिहास, आस्था और परंपरा के विराट उत्सव का साक्षी बनने जा रहा है। श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के 359वें प्रकाशोत्सव (Patna Sahib Prakashotsav) को लेकर पटना सिटी क्षेत्र में आध्यात्मिक उल्लास और प्रशासनिक तैयारी दोनों चरम पर हैं। 25 से 27 दिसंबर तक चलने वाले इस भव्य आयोजन में देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी हजारों सिख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसी भीड़ और नगर कीर्तन की विशालता को देखते हुए पटना नगर प्रशासन ने 24 से 28 दिसंबर तक के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान लागू करने का फैसला किया है, जिससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित और व्यवस्थित दर्शन का अवसर मिल सके।
प्रकाशोत्सव के दौरान पटना सिटी का इलाका पूरी तरह श्रद्धा और अनुशासन के वातावरण में रहेगा। प्रशासन का फोकस इस बात पर है कि धार्मिक आयोजनों की गरिमा बनी रहे और आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। इसी रणनीति के तहत 24 दिसंबर की मध्यरात्रि से 28 दिसंबर की मध्यरात्रि तक पटना सिटी क्षेत्र में भारी और व्यवसायिक वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। दीदारगंज की ओर से आने वाले ट्रक और ट्रैक्टर अब अशोक राजपथ की ओर नहीं बढ़ सकेंगे और उन्हें न्यू बाईपास से होकर ही गुजरना होगा। हालांकि, शहर की आवश्यक आपूर्ति को ध्यान में रखते हुए बाजार समिति के लिए जरूरी सामान लाने वाले वाहनों को सीमित समय में प्रवेश की छूट दी गई है।
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श्रद्धालुओं की भारी आमद को देखते हुए अशोक राजपथ पर भी कई चरणों में प्रतिबंध लागू रहेंगे। 25 दिसंबर की सुबह से 27 दिसंबर की सुबह तक गायघाट से पूरब दरवाजा तक ऑटो और छोटे व्यवसायिक वाहनों का परिचालन पूरी तरह बंद रहेगा। इन वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग तय किए गए हैं ताकि पटना साहिब आने-जाने वाले यात्रियों को सुविधा मिल सके और मुख्य मार्गों पर भीड़ न बढ़े।
प्रकाशोत्सव के सबसे महत्वपूर्ण दिनों में से एक 26 दिसंबर को निकलने वाले नगर कीर्तन के कारण ट्रैफिक व्यवस्था और सख्त रहेगी। इस दिन सुबह से मध्यरात्रि तक गायघाट से दीदारगंज तक अशोक राजपथ पर सभी प्रकार के वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यह फैसला श्रद्धालुओं की सुरक्षा और नगर कीर्तन की भव्यता को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरती है। किसी भी आपात स्थिति में मरीजों और एंबुलेंस की आवाजाही बाधित न हो, इसके लिए पीएमसीएच और एनएमसीएच के लिए अलग-अलग सुरक्षित मार्ग तय किए गए हैं। इसके साथ ही, शहर के विभिन्न हिस्सों में पार्किंग स्थलों को चिन्हित कर दिया गया है ताकि बाहरी जिलों और राज्यों से आने वाले श्रद्धालु अपने वाहन सुरक्षित स्थानों पर खड़े कर सकें।






















