पटना जिले में ठंड (Patna School Closed) का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है और तापमान में आई तेज गिरावट ने जनजीवन के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था को भी प्रभावित करना शुरू कर दिया है। बच्चों की सेहत पर पड़ने वाले संभावित खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए बड़ा फैसला लिया है। पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने आदेश जारी कर कक्षा 8 तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में शैक्षणिक गतिविधियों पर अस्थायी रोक लगा दी है।
जिला प्रशासन का मानना है कि अत्यधिक ठंड और ठंडी हवाओं के कारण छोटे बच्चों में सर्दी, खांसी, निमोनिया और अन्य मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसी आशंका को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। DM के आदेश के अनुसार यह प्रतिबंध सिर्फ स्कूलों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्री-स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी समान रूप से लागू होगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश 4 जनवरी 2026 से प्रभावी होगा और 8 जनवरी 2026 तक लागू रहेगा।
हालांकि प्रशासन ने उच्च कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए संतुलित दृष्टिकोण अपनाया है। कक्षा 8 से ऊपर के छात्रों के लिए पूरी तरह अवकाश घोषित नहीं किया गया है, लेकिन उनकी कक्षाएं सीमित समय में संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। इन कक्षाओं का संचालन सुबह 10:30 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक ही किया जा सकेगा। स्कूल प्रबंधन को आदेश दिया गया है कि वे इसी समयावधि के अनुसार अपने शैक्षणिक कार्यक्रमों और टाइम टेबल का पुनर्निर्धारण करें, ताकि छात्रों को सुबह की अत्यधिक ठंड से बचाया जा सके।
बिहार में ठंड का डबल अटैक: 6 जनवरी तक कोल्ड-डे और घने कोहरे की चेतावनी.. एडवाइजरी जारी
प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि बोर्ड और प्री-बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी के लिए चल रही विशेष कक्षाएं और परीक्षाएं इस आदेश के दायरे में नहीं आएंगी। यानी इन परीक्षाओं का आयोजन पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार किया जा सकेगा। यह फैसला उन छात्रों को राहत देने के लिए लिया गया है जिनकी परीक्षाएं नजदीक हैं और जिनकी तैयारी पर किसी तरह का असर नहीं पड़ना चाहिए।
जिला प्रशासन ने शिक्षा विभाग, पुलिस प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जाए। किसी भी तरह की लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। प्रशासन का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता है और मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। यदि ठंड का असर और बढ़ता है तो आने वाले दिनों में और भी कड़े फैसले लिए जा सकते हैं।






















