पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल (Patna Hostel Murder) में नीट की तैयारी कर रही जहानाबाद की 17 वर्षीय छात्रा की रहस्यमयी मौत अब केवल एक आपराधिक मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह छात्र सुरक्षा, हॉस्टल व्यवस्था और पुलिस जांच की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल बनकर उभर रही है। पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद इस पूरे प्रकरण को राष्ट्रीय स्तर पर उठाते हुए देश के गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर सीबीआई जांच की मांग की है। उन्होंने इस हत्याकांड को केवल एक घटना नहीं, बल्कि एक संभावित संगठित साजिश बताते हुए निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की जरूरत पर जोर दिया है।
पप्पू यादव ने अपने पत्र में कहा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और उपलब्ध चिकित्सकीय प्रमाण कई गंभीर संदेह पैदा करते हैं, जिनका जवाब स्थानीय जांच से मिल पाना मुश्किल है। उन्होंने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए आशंका जताई है कि साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ और हॉस्टल प्रबंधन को बचाने की कोशिश हो सकती है। इसी पत्र की प्रतिलिपि उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनके प्रधान सचिव को भी भेजी है, ताकि राज्य सरकार पर भी जवाबदेही तय हो सके।
यह मामला सामने आने के बाद राज्य की राजनीति में भी उबाल साफ नजर आ रहा है। विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है, वहीं दबाव बढ़ने के बाद पुलिस ने इस केस में विशेष जांच टीम का गठन किया है। एसआईटी की कमान आईजी जितेंद्र राणा को सौंपी गई है, जिन्होंने गठन के तुरंत बाद शंभू गर्ल्स हॉस्टल पहुंचकर जांच शुरू की। घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया और जरूरी साक्ष्य जुटाए गए। पुलिस पहले ही हॉस्टल के मालिक को गिरफ्तार कर चुकी है, लेकिन परिजनों का कहना है कि यह कार्रवाई काफी देर से की गई।
परिजनों के अनुसार 9 जनवरी 2026 को छात्रा अपने कमरे में बेहोशी की हालत में मिली थी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने रेफर कर दिया। निजी अस्पताल में भर्ती के बावजूद छात्रा की स्थिति में सुधार नहीं हुआ और 11 जनवरी को उसकी मौत हो गई। मृतका के पिता का आरोप है कि हॉस्टल प्रबंधन ने जानबूझकर सीसीटीवी फुटेज हटाई, जिससे सच्चाई सामने न आ सके।
परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न किया गया और अपराध छिपाने के लिए उसे बेहोशी का इंजेक्शन दिया गया। इन आरोपों ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है। परिजन लगातार सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं और अब पप्पू यादव के समर्थन से यह मांग और तेज हो गई है।






















