Patna Urban Development: पटना अब सिर्फ राजधानी नहीं, बल्कि बिहार के शहरी विकास मॉडल का केंद्र बनता जा रहा है। इसी दिशा को और मजबूत करने के लिए नगर विकास एवं आवास मंत्री नितिन नवीन ने विभागीय मुख्यालय में एक व्यापक समीक्षा बैठक की, जिसमें पटना नगर निगम की टीम और शीर्ष अधिकारियों ने आवश्यक योजनाओं की स्थिति प्रस्तुत की। बैठक का उद्देश्य शहर में नागरिक सुविधाओं के आधुनिकीकरण, शहरी बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण और स्वच्छता से जुड़े संकेतकों में और सुधार को गति देना था।
मंत्री ने सबसे पहले राजधानी में 25 नए वेंडिंग जोन की स्थापना को तत्काल प्राथमिकता दिए जाने का निर्देश दिया। पटना में बढ़ते शहरी विस्तार और फुटपाथ व्यापारियों की समस्याओं को देखते हुए यह कदम न केवल सुव्यवस्थित व्यापारिक वातावरण तैयार करेगा, बल्कि ट्रैफिक प्रबंधन को भी सुगम बनाएगा। मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि इन वेंडिंग जोनों की डिजाइनिंग आधुनिक मानकों के अनुसार हो और छोटे व्यापारियों को स्थिर व सम्मानजनक व्यापारिक स्थान मिले।
जल निकासी, पेयजल आपूर्ति और सीवरेज नेटवर्क को लेकर भी बड़े निर्णय लिए गए। इन सभी सेवाओं की जीआईएस मैपिंग के निर्देश देकर मंत्री ने स्पष्ट किया कि राजधानी को टेक्नोलॉजी आधारित शहरी प्रबंधन की ओर तेजी से बढ़ना होगा। जीआईएस मैपिंग से न केवल लीकेज और बाधाओं की पहचान आसान होगी, बल्कि भविष्य की योजनाओं में पारदर्शिता और दक्षता भी बढ़ेगी।
कचरा प्रबंधन को लेकर मंत्री नितिन नवीन का रुख बेहद सख्त और दूरदर्शी रहा। उन्होंने पटना नगर निगम को नए कचरा संग्रहण वाहनों की खरीद प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा, ताकि डोर-टू-डोर कलेक्शन और ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम अधिक प्रभावी बन सके। इसके साथ ही राम चक बैरिया स्थित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (SWM) प्रोजेक्ट की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई, जहाँ अधिकारियों ने वेस्ट प्रोसेसिंग क्षमता, मशीनरी इंस्टॉलेशन और साइट मैनेजमेंट की अद्यतन स्थिति प्रस्तुत की। मंत्री ने जोर देकर कहा कि इस यूनिट को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जाए, क्योंकि यह परियोजना भविष्य में पटना को ठोस कचरा प्रबंधन के मामले में आत्मनिर्भर बनाने का केंद्र बनने वाली है।
बैठक में जलापूर्ति और सीवरेज नेटवर्क विस्तार से जुड़े मुद्दों की भी विस्तार से समीक्षा की गई। मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि पटना के किसी भी वार्ड में पेयजल आपूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नागरिकों को स्वच्छ पानी और सुचारु सीवरेज नेटवर्क उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी विभागीय योजनाएँ एकीकृत रूप से कार्य कर रही हैं।
मंत्री ने सभी अधिकारियों को नियमित फील्ड निरीक्षण करने, जमीन पर मौजूद समस्याओं की वास्तविक स्थिति को समझने और समय पर समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने विश्वास जताया कि टीम वर्क, तकनीकी प्रबंधन और सख्त मॉनिटरिंग के माध्यम से आने वाले समय में पटना स्वच्छता और नगरीय संरचना की राष्ट्रीय रैंकिंग में और बेहतर प्रदर्शन करेगा।
बैठक के अंत में उन्होंने पटना की बेहतर स्वच्छता रैंकिंग को लेकर शहरवासियों, नगर निगम कर्मियों और सफाई कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे शहर की सामूहिक मेहनत का परिणाम है। सरकार का लक्ष्य है कि पटना को न सिर्फ स्वच्छ, बल्कि एक आधुनिक, टिकाऊ और स्मार्ट सिटी के आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित किया जाए।




















