बिहार में नए-नए हथियारों का इस्तेमाल बढ़ रहा है। अब वारदात को अंजाम देने के लिए पेन पिस्टल का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह पिस्टल साइलेंट किलर की तरह काम करता है। आम्स एक्सपर्ट बताते हैं कि पेन पिस्टल काफी घातक हथियार होता है। इसका इस्तेमाल हाई वैल्यू टारगेट को मारने के लिए किया जाता है। दरअसल, मुंगेर की कोतवाली थाना पुलिस ने वाहन जांच के दौरान रविवार को पहली बार सात पेन पिस्टल जब्त किया। पुलिस ने तीन तस्करों को भी पकड़ा। इनसे 14 कारतूस, 1 लाख 90 हजार रुपए, एक बाइक एवं तीन मोबाइल जब्त किया है। एसडीपीओ सदर राजेश कुमार ने बताया कि पुलिस अशोक स्तंभ के पास वाहन जांच कर रही थी। इस दौरान एक बाइक पर सवार तीन लोग पुलिस को देखकर भागने लगे। पुलिस ने पीछा कर उन्हें तिवारी लस्सी हाउस के समीप पकड़ा। तलाशी के दौरान उनसे सात पेन पिस्टल और अन्य सामान मिले। गिरफ्तार तस्करों में आर्म्स विक्रेता मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मिर्जापुर बरदह निवासी मो.जमशेर उर्फ नफरू, हथियार खरीदने वाले पश्चिम बंगाल के गोपालनगर मिठूपाड़ा निवासी विलाल मंडल और अरमान मंडल शामिल हैं।
पश्चिम बंगाल से आए थे खरीदार
कोतवाली थानाध्यक्ष धीरेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि मिर्जापुर बरदह निवासी मो.जमशेर का कहना है कि काफी दिन सेउ सके पास पेन पिस्टल थी। उसे कोई खरीदने वाला नहीं मिल रहा था। काफी प्रयास बाद पश्चिम बंगाल के दो लोग पेन पिस्टल खरीदने आए थे। थानाध्यक्ष ने बताया कि मो.जमशेर उर्फ नफरू का हथियार तस्करी का पुराना रिकार्ड है। कई बार आर्म्स एक्ट में जेल जा चुका है। गिरफ्तार खरीदार बंगाल निवासी विलाल मंडल और अरमान मंडल ने बताया कि 25 हजार रुपए की दर से सात पेन पिस्टल खरीदी थी। जिसे लेकर वे शाम की ट्रेन से पश्चिम बंगाल जाने वाले थे।




















