PM Modi Assam: असम के चुनावी माहौल में प्रधानमंत्री Narendra Modi ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए उसे राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय विकास के सवाल पर कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि आज की कांग्रेस उन ताकतों का समर्थन कर रही है जो देश को तोड़ने के सपने देखती हैं और उत्तर-पूर्व को भारत से अलग करने जैसे नारे लगाती हैं। प्रधानमंत्री ने कांग्रेस को ‘मुस्लिम लीग-माओवादी कांग्रेस’ बताते हुए जनता को सतर्क रहने की सलाह दी।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में ऐतिहासिक संदर्भ जोड़ते हुए कहा कि आजादी के समय मुस्लिम लीग ने देश को बांटने का काम किया था और अब कांग्रेस उसी सोच की राजनीति को आगे बढ़ा रही है। उनके अनुसार, कांग्रेस का रवैया न केवल राष्ट्रीय एकता के लिए खतरनाक है बल्कि इससे असम जैसे संवेदनशील सीमावर्ती राज्य की सुरक्षा और स्थिरता पर भी सवाल खड़े होते हैं।
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस के लंबे शासनकाल की तुलना वर्तमान एनडीए सरकार के कामकाज से करते हुए ब्रह्मपुत्र नदी को असम के विकास का केंद्र बताया। उन्होंने कहा कि ब्रह्मपुत्र सिर्फ एक नदी नहीं, बल्कि असम की जीवनरेखा है और इसके दोनों किनारों को जोड़ना राज्य की अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा के लिए बेहद जरूरी है। लेकिन कांग्रेस के करीब 70 वर्षों के शासन में इस नदी पर महज तीन बड़े पुल बन पाए, जिससे आवागमन हमेशा एक चुनौती बना रहा और विकास की रफ्तार थमी रही।
पीएम मोदी ने 2014 के बाद के दौर को निर्णायक बताते हुए कहा कि केंद्र में एनडीए सरकार और राज्य में डबल इंजन सरकार बनने के बाद तस्वीर तेजी से बदली। पिछले 10 से 11 वर्षों में ब्रह्मपुत्र पर पांच बड़े पुल पूरे किए गए, जिससे असम के दूरदराज इलाकों को मुख्यधारा से जोड़ने में मदद मिली। उन्होंने इसे केवल बुनियादी ढांचे की उपलब्धि नहीं बल्कि आम लोगों के जीवन को आसान बनाने वाली क्रांति करार दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने असम को समस्याएं दीं जबकि भाजपा ने समाधान दिए। उनके मुताबिक, पुलों के निर्माण से व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं और यह साबित करता है कि सही नीयत और मजबूत नेतृत्व से दशकों पुरानी अड़चनें दूर की जा सकती हैं। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे विकास और राष्ट्रहित को प्राथमिकता दें और ऐसी राजनीति से सावधान रहें जो विभाजनकारी सोच को बढ़ावा देती हो।






















