पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के पुनर्विकास (PMCH Redevelopment) को लेकर राज्य सरकार की प्राथमिकता एक बार फिर स्पष्ट दिखी, जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने निर्माणाधीन और नवनिर्मित भवनों का स्थल निरीक्षण किया। यह दौरा सिर्फ औपचारिक नहीं था, बल्कि बिहार की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को नए सिरे से परिभाषित करने की दिशा में एक मजबूत राजनीतिक और प्रशासनिक संदेश भी माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने आपातकालीन भवन फेज-1 के प्रथम तल पर स्थित रेडियोलॉजी विभाग का निरीक्षण कर आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं की जमीनी हकीकत को परखा। अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार यहां विश्वस्तरीय सीटी स्कैन और एमआरआई मशीनों की स्थापना की गई है, जिससे गंभीर मरीजों को त्वरित और सटीक जांच की सुविधा मिलेगी।

मुख्यमंत्री इसके बाद नवनिर्मित आपातकालीन भवन के पांचवें तल पर पहुंचे, जहां उन्होंने शिशु विभाग की व्यवस्थाओं का विस्तार से जायजा लिया। एनआईसीयू वार्ड, नर्स स्टेशन और स्वच्छ व मलिन वस्त्र भंडारण जैसी सुविधाओं को देखकर उन्होंने संतोष जताया, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि सुविधाओं की गुणवत्ता और निरंतर रखरखाव से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। उनका जोर इस बात पर रहा कि नवजात शिशुओं के इलाज में किसी भी तरह की कमी भविष्य की पीढ़ी पर सीधा असर डालती है।
निरीक्षण के अगले चरण में मुख्यमंत्री ने अस्पताल परिसर में चल रहे पुनर्विकास और निर्माण कार्यों की समग्र समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि पीएमसीएच को 5462 बेड की विशाल क्षमता वाले अस्पताल के रूप में विकसित किया जा रहा है और निर्माण कार्य तेज गति से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने इस जानकारी के आधार पर स्पष्ट निर्देश दिए कि तय समय-सीमा के भीतर निर्माण पूरा हो और गुणवत्ता तथा सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया जाए। उनका मानना है कि बड़े अस्पतालों में ढांचागत मजबूती और मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि आधुनिक मशीनों और भवनों के साथ-साथ चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के लिए आवासन की बेहतर व्यवस्था भी उतनी ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को यदि सुविधाजनक और सुरक्षित आवास मिलेगा तो इसका सीधा असर मरीजों की देखभाल की गुणवत्ता पर पड़ेगा। इसी क्रम में उन्होंने पीएमसीएच में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए प्रस्तावित आवासीय सुविधाओं के निर्माण को भी समय पर और बेहतर ढंग से पूरा करने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने यह संदेश भी दिया कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल इमारतें खड़ी करना नहीं, बल्कि एक ऐसी स्वास्थ्य प्रणाली विकसित करना है जहां मरीजों को किसी तरह की असुविधा न हो और उन्हें समय पर अत्याधुनिक इलाज मिल सके। पीएमसीएच का विस्तार बिहार के लिए सिर्फ एक अस्पताल परियोजना नहीं, बल्कि स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर में ऐतिहासिक निवेश के रूप में देखा जा रहा है, जो आने वाले वर्षों में पूरे पूर्वी भारत के लिए एक रेफरल सेंटर की भूमिका निभा सकता है।

इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने जेपी गंगा पथ पर विकसित किए जा रहे पार्क और सौंदर्यीकरण कार्यों का भी जायजा लिया, जो स्वास्थ्य और पर्यावरण के संतुलन की दिशा में सरकार की सोच को दर्शाता है। इस अवसर पर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के शीर्ष अधिकारी, अस्पताल प्रबंधन और वरिष्ठ चिकित्सक मौजूद रहे, जिससे यह संकेत मिला कि परियोजना की मॉनिटरिंग सीधे शीर्ष स्तर से की जा रही है।


















