Team Insider: भारतीय लोकतंत्र (Indian democracy) में पहली बार रैलियां पर रोक लगी है। पांच राज्यों के आगामी विधानसभा चुनावों(Vidhansabha Elections) में राजनितिक पार्टियों के रैलियों, पदयात्रा, नुक्कड़ सभा, जुलूस, रोड-शो और बाइक रैलियों पर चुनाव आयोग ने रोक लगा दी है। दरअसल, कोविड-19(covid19) महामारी के बढ़ते मामलों को देखते हुए यह अभुतपूर्व निर्णय लिया गया है।
वर्चुअल प्लेटफॉर्म के जरिए होगें संवाद
इस दौरान सभी राजनीतिक पार्टियां वर्चुअल प्लेटफॉर्म के माध्यम से जनता के साथ संवाद कर सकेंगे। हालांकि चुनाव आयोग ने 15 जनवरी के बाद समीक्षा करने को कहा है। समीक्षा बैठक के बाद ही रैलियों को आयोजित करने और जनता के बीच जाने की अनुमति मिल सकेगी। भारतीय मुख्य चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनाव के लिए कई नए नियमों का ऐलान किया है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि इस बार उम्मीदवार ऑनलाइन नामांकन दाखिल कर सकेंगे।
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2020 में भी कोरोना काल में ही हुए थे चुनाव
बता दें की रैलियों में लाखों की संख्या में लोगों का जमावड़ा लगता था। पिछली बार साल 2020 में हुए बिहार और बंगाल विधानसभा चुनाव भी कोरोना काल में कराई गईं थी। उस वक्त कोरोना महामारी पीक पर थी। चुनाव के बाद चुनाव आयोग को कई उच्च न्यायालयों समेत सुप्रीम कोर्ट ने रैलियों पर रोक लगाने के लिए फटकार लगाई थी। इस बार भी कोरोना की तीसरी लहर शुरू हो गई है। एहतियातन चुनाव आयोग ने यह निर्णय लिया है। आपको बता दें की सभी पांच राज्यों में सात चरणों में चुनाव होने हैं। 10 फरवरी को पहले चरण की चुनाव होगी और 7 मार्च तक चलेगी। 10 मार्च को होली से आठ दिन पहले चुनावी परिणामों की घोषणा हो जाएगी।