बिहार के सरकारी स्कूलों में छुट्टी का कैलेंडर शिक्षा विभाग ने सोमवार, 27 नवंबर को जारी की। 2024 के कैलेंडर वर्ष की कुछ छुट्टियों में विभाग ने बदलाव किए हैं। जिसको लेकर बिहार की सियासत तेज हो गई है। दरअसल रक्षाबंधन, महाशिवरात्री और जन्माष्टमी जैसे कई हिन्दू त्योहारों के दिन की छुट्टियाँ रद्द की गई है। शिक्षा विभाग के अनुसार इन त्योहारों के दिन बिहार में स्कूल खुले रहेंगे। 2024 के कैलेंडर वर्ष की छुट्टियों को लेकर भाजपा बिहार सरकार पर हमलावर हैं। भाजपा ने बिहार सरकार पर तुष्टिकरण करने का आरोप लगाया हैं साथ ही ये भी दावा किया है बिहार सरकार को ये फैसला वापस लेना होगा।
“नीतीश सरकार की हिन्दू विरोधी मानसिकता उजागर”
स्कूलों की छुट्टियाँ रद्द किए जाने को लेकर भाजपा के राज्यसभा सांसद सुशील मोदी ने कड़ा विरोध जताया। सुशील मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपना बयान जारी करते ही कहा कि देर रात छुट्टियों की लिस्ट जारी करते हुए नीतीश सरकार ने अपनी हिंदू विरोधी मानसिकता उजागर कर दिया है। यह निर्णय हिंदुओं की भावनाओं को आघात करने वाला है। सरकार की ओर से जानबूझकर हिंदुओं के पर्व त्योहार पर छुट्टियों को रद्द कर दिया है। सुशील मोदी ने कहा कि सरकार के इशारे पर शिक्षा विभाग ने हिंदुओं के पर्व रामनवमी, जन्माष्टमी, रक्षाबंधन, जिउतिया जैसे महत्वपूर्ण त्योहार पर छुट्टियों को रद्द किया गया है।इसके साथ-साथ दीपावली,छठ, दुर्गा पूजा जैसे पर्वों में छुट्टियों में भारी कटौती कर दी गई है। सुशील मोदी ने कहा है कि दूसरी और मुसलमान के पर्व त्योहारों की छुट्टियों को बढ़ा दिया गया है।
“बिहार की जनता देगी करारा जवाब“
सुशील मोदी ने कहा है कि हिंदुओं के सबसे बड़े आराध्य भगवान राम और भगवान कृष्ण हैं। तो किस आधार पर नीतीश सरकार ने इन पर्व में छुट्टियों को रद्द कर दिया? चुन चुन कर हिंदुओं के पर्व त्योहार की छुट्टियों को रद्द किया गया है। सरकार ने महिलाओं का भी ख्याल नहीं रखा जो अनंत चतुर्दर्शी और जिउतिया रक्षाबंधन के अवसर पर उपवास में रहती हैं। सुशील मोदी ने आगे कहा कि सरकार की हिंदू विरोधी मानसिकता को बीजेपी कतई स्वीकार नहीं करेगी और मुसलमान को खुश करने के लिए हिंदू की छुट्टियों को खत्म कर जीत हासिल नहीं कर सकते दूसरी और हिंदू समाज को जातियों में बताकर भी आप हिंदुओं का वोट नहीं ले सकती। बिहार की जनता आपको इसका करारा जवाब देगी।
फैसले को वापस लेने की मांग तेज
सुशील मोदी ने कहा है कि यह देश सेकुलर है जहां हिंदू- मुसलमान सबको एक नजर से देखा जाता है। अभी तक हिंदू मुसलमान सिख इसाई सबके लिए सप्ताह के किसी एक दिन छुट्टी की जो व्यवस्था लागू है वही सही है। मुसलमान को शुक्रवार की छुट्टी मिलेगी तो सिखों, ईसाई और हिंदुओं को भी उनकी सुविधा के अनुसार छुट्टी देने की मांग उठेगी। बीजेपी एस तुगलगी फरमान का पुरजोर विरोध करती है और इसको वापस लेने की मांग करती है।
“वापस लेना पड़ेगा फैसला“
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने कहा कि ये पूरी तरफ तानाशाही है। ये तुगलकी फरमान है। नीतीश कुमार की सरकार तुष्टिकरण के चक्कर में लगातार इस तरह का काम कर रही है। इस साल भी कई बार इस तरह के फैसले लिए गए। जिसे बाद में वापस भी लेना पड़ा। इस फैसले को सरकार को वापस लेना ही पड़ेगा। ये सरकार अपने फैसले पे यूटर्न मारने वाली सरकार है। इसलिए इस फैसले को भी इनको वापस लेना ही पड़ेगा।
“मुस्लिमों के पर्व पर बढ़ी छुट्टियाँ, हिन्दू के पर्व छुट्टियाँ खत्म की”
केन्द्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने कहा कि “तुष्टीकरण के सरदार, बिहार के कुर्सी कुमार..एक बार फिर चाचा-भतीजे की सरकार का हिंदू विरोधी चेहरा सामने आ गया है। एक तरफ स्कूलों में मुस्लिम पर्व की छुट्टी बढ़ाई जा रही हैं, वहीं दूसरी तरफ हिंदू त्योहारों की छुट्टियां खत्म की जी रही हैं।”




















