मोतिहारी। बिहार का पूर्वी चम्पारण जिला (Purvi Champaran Wins) एक बार फिर देश के लोकतांत्रिक मानचित्र पर चमकने जा रहा है। जिले को लगातार दूसरी बार राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चुना गया है, जिसे राष्ट्रपति के हाथों राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर प्रदान किया जाएगा। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ ही पूर्वी चम्पारण ने यह साबित कर दिया है कि मजबूत प्रशासनिक इच्छाशक्ति, तकनीकी नवाचार और जनभागीदारी के बल पर चुनावी व्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाया जा सकता है।
जिला निर्वाचन पदाधिकारी एवं जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल को यह सम्मान 2024 के लोकसभा चुनाव और 2025 के विधानसभा चुनाव के सफल, शांतिपूर्ण और पारदर्शी संचालन के लिए दिया जा रहा है। चुनाव प्रबंधन में बेहतर समन्वय, आईटी आधारित पहल, सुरक्षा व्यवस्था की सुदृढ़ता और नवाचारपूर्ण प्रयोगों ने पूर्वी चम्पारण को राष्ट्रीय स्तर पर एक आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित किया है।
जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल ने इस उपलब्धि को व्यक्तिगत नहीं बल्कि सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया। उनके अनुसार चुनावी सफलता के पीछे जिला प्रशासन के हर कर्मचारी की मेहनत, फील्ड लेवल अधिकारियों की सजगता और सबसे महत्वपूर्ण जिले के नागरिकों का सहयोग रहा है। शांतिपूर्ण माहौल में मतदान, सौहार्दपूर्ण सामाजिक वातावरण और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जनता की प्रतिबद्धता ने जिले को यह गौरव दिलाया।
लगातार दो राष्ट्रीय पुरस्कार मिलना इस बात का संकेत है कि पूर्वी चम्पारण में चुनाव केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं बल्कि लोकतंत्र के उत्सव के रूप में संचालित किए जाते हैं। तकनीकी प्रगति के साथ मतदाता सुविधा, पारदर्शिता और सुरक्षा को प्राथमिकता देना जिले की चुनावी रणनीति की पहचान बन चुकी है। यही वजह है कि राष्ट्रीय स्तर पर इसे सर्वश्रेष्ठ चुनाव प्रबंधन की श्रेणी में रखा गया।
CM Samriddhi Yatra Siwan: नीतीश कुमार की 200 करोड़ से ज्यादा की योजनाओं से बदलेगी जिले की तस्वीर
राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर दिया जाने वाला यह पुरस्कार उन जिलों और अधिकारियों को सम्मानित करता है, जिन्होंने भारतीय चुनाव प्रणाली की भव्यता, नवाचार और विश्वसनीयता को मजबूत किया हो। पूर्वी चम्पारण का चयन न केवल बिहार के लिए गर्व की बात है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि सुदृढ़ प्रशासन और जागरूक नागरिक मिलकर लोकतंत्र को और मजबूत बना सकते हैं।






















