लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi Big Allegation) ने गुरुवार को केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर सबसे बड़ा राजनीतिक हमला बोला है। राहुल गांधी ने दावा किया कि बिहार से आ रही खबरें इस बात की पुष्टि करती हैं कि यहां “वोट चोरी” संगठित तरीके से की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक चुनावी मुद्दा नहीं, बल्कि लोकतंत्र की खुली हत्या है, जिसमें चुनाव आयोग की मिलीभगत साफ झलक रही है।
राहुल गांधी ने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) और दो अन्य आयुक्त “संविधान के साथ सबसे बड़ा विश्वासघात” कर रहे हैं। उनके मुताबिक, बिहार में वही पैटर्न दोहराया जा रहा है जो हरियाणा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और गुजरात में देखा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन राज्यों में भाजपा ने फर्जी वोटिंग, फर्जी तस्वीरों और दोहराए गए वोटों का इस्तेमाल कर चुनावी परिणाम अपने पक्ष में मोड़ा।
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राहुल ने कहा, “प्रक्रिया अभी चल रही है, हमारे पास ढेरों सबूत हैं। हम भारत की नई पीढ़ी—जनरेशन Z और युवाओं को यह दिखाने जा रहे हैं कि नरेंद्र मोदी चुनाव चोरी करके प्रधानमंत्री बने हैं। भाजपा चुनाव आयोग की मदद से लोकतंत्र को खत्म कर रही है।”
उन्होंने कहा कि हरियाणा चुनाव तो लोकतंत्र का मज़ाक बन गया था, जहां एक बूथ पर एक ही महिला की 200 तस्वीरें दर्ज थीं। राहुल गांधी ने कहा कि “संविधान कहता है एक व्यक्ति, एक वोट—but भाजपा के राज में एक व्यक्ति के कई वोट हो गए हैं। यहां तक कि कुछ ब्राज़ीलियाई नागरिकों के नाम पर भी वोट डाले गए हैं। यही खेल अब बिहार में चल रहा है।”
राहुल गांधी ने भाजपा पर सीधा हमला करते हुए कहा कि “सच्चाई यह है कि नरेंद्र मोदी, अमित शाह और चुनाव आयोग मिलकर संविधान पर हमला कर रहे हैं। चुनाव आयोग की भूमिका एक निष्पक्ष संस्था की नहीं, बल्कि सत्तारूढ़ दल की सुरक्षा ढाल की तरह हो गई है।”






















