लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बुधवार को बोलने की अनुमति न मिलने पर सियासत गरमा गई है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने अपनी बात रखने की कोशिश की, तो स्पीकर ने उन्हें रोक दिया और सदन स्थगित कर दिया। इस पूरे घटनाक्रम पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने नाराजगी जाहिर करते हुए इसे “शर्मनाक” और “निंदनीय” बताया है।
शत्रुघ्न सिन्हा का केंद्र पर हमला – “कब तक विपक्ष की आवाज दबाएंगे?”
ANI से बात करते हुए शत्रुघ्न सिन्हा ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि “राहुल गांधी ने जो कहा, वह सच कहा। वह हमारे नेता प्रतिपक्ष हैं, सक्षम हैं और बेहतरीन वक्ता हैं। यह पहली बार नहीं है जब उन्हें बोलने नहीं दिया गया। आज भी उन्हें नहीं बोलने दिया गया। यह शर्मनाक, गलत और निंदनीय है। मैं स्पीकर का सम्मान करता हूं, लेकिन पता नहीं वे किस दबाव में हैं।”
उन्होंने आगे सवाल उठाया कि “सरकार कब तक ऐसा करती रहेगी? विपक्ष में कई शानदार वक्ता हैं, आप कितनों को रोकेंगे? आप लोगों को हमेशा के लिए बेवकूफ नहीं बना सकते।”
राहुल गांधी का आरोप – “लोकतंत्र में विपक्ष की कोई जगह नहीं?”
राहुल गांधी ने भी लोकसभा में अपने साथ हुए व्यवहार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि “मैंने अनुरोध किया था कि मुझे बोलने दिया जाए, लेकिन मुझे रोका गया। स्पीकर ने कुछ अनsubstantiated (बेबुनियाद) बातें कहीं और फिर सदन स्थगित कर दिया। यह कोई तरीका नहीं है सदन चलाने का। जब भी मैं खड़ा होता हूं, मुझे रोक दिया जाता है।”
राहुल गांधी ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार और विपक्ष दोनों की भूमिका होती है, लेकिन यहां विपक्ष के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने बताया कि वे महाकुंभ मेले और बेरोजगारी पर अपनी बात रखना चाहते थे, लेकिन उन्हें मौका नहीं दिया गया।
स्पीकर ओम बिड़ला ने दी नसीहत
वहीं, लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने नेता प्रतिपक्ष को मर्यादा बनाए रखने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि लोकसभा के सदस्यों से अपेक्षा की जाती है कि वे सदन की गरिमा और मर्यादा बनाए रखें। मेरे संज्ञान में कई ऐसे उदाहरण हैं जब सदस्यों का आचरण संसदीय मानकों के अनुरूप नहीं था। इसलिए, नेता प्रतिपक्ष से भी उम्मीद है कि वे सदन के नियमों का पालन करें और अपनी भूमिका के अनुसार आचरण करें। इसके बाद स्पीकर ने सदन को स्थगित कर दिया।