Rahul Gandhi Bihar Yatra: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इन दिनों अपनी ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के तहत बिहार दौरे पर हैं. यात्रा के सातवें दिन राहुल गांधी का एक अलग ही अंदाज देखने को मिला, जब वह अचानक सड़क किनारे खेतों की ओर मुड़े और मखाना किसानों के बीच जा पहुंचे. कटिहार के सिमरिया इलाके में वह तालाब में घुटनों तक पैंट चढ़ाकर उतर गए और किसानों से उनके संघर्ष और समस्याओं को समझने की कोशिश की.
राहुल गांधी ने किसानों से पूछा कि आखिर दुनिया को “सुपरफूड” देने वाला मखाना उत्पादक इतनी कठिनाइयों का सामना क्यों कर रहा है. किसानों ने उन्हें बताया कि बाजार में उचित मूल्य नहीं मिलने, उत्पादन लागत बढ़ने और निर्यात की चुनौतियों के कारण उनकी हालत दयनीय बनी हुई है. इस पर राहुल गांधी ने मोदी और नीतीश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नेताओं की घोषणाएं और भाषण तो बहुत होते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर किसानों के जीवन में कोई सुधार नहीं हुआ.
यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने मछुआरों से भी मुलाकात की और उनसे मत्स्य पालन से जुड़ी परेशानियों के बारे में जाना. राहुल ने कहा कि बिहार के मेहनतकश किसान और मछुआरे न सिर्फ राज्य बल्कि पूरे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देते हैं, लेकिन बदले में उन्हें सुविधाएं और समर्थन नहीं मिलता.
कटिहार से राहुल गांधी का काफिला पूर्णिया की ओर रवाना हुआ, जहां उनका रात्रि विश्राम तय है. इसके बाद वह अररिया और नरपतगंज जाएंगे. इस यात्रा में तेजस्वी यादव, मुकेश सहनी, दीपांकर भट्टाचार्य और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम जैसे महागठबंधन के नेता भी उनके साथ हैं. राहुल गांधी की यह यात्रा 1 सितंबर तक चलेगी. कांग्रेस इसे कथित ‘वोट चोरी’ और लोगों के अधिकारों की लड़ाई से जोड़कर पेश कर रही है.






















