देश की राजनीति में एक बार फिर संसद की कार्यवाही और किसान मुद्दे को लेकर सियासी तापमान बढ़ गया है। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने साफ कहा है कि उनके खिलाफ चाहे एफआईआर दर्ज हो, मुकदमा चले या विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाया जाए, वे किसानों के अधिकारों की लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगे। उनका यह बयान उस समय आया जब केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने संकेत दिया कि सरकार राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन नोटिस लाने की तैयारी कर रही है, क्योंकि उनके आरोपों को सत्तापक्ष ने सदन को गुमराह करने वाला बताया है।
राहुल गांधी ने गुरुवार शाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वीडियो साझा करते हुए कहा कि किसी भी ऐसी ट्रेड डील का विरोध किया जाएगा जो किसानों की रोज़ी-रोटी को प्रभावित करे या देश की खाद्य सुरक्षा को कमजोर करे। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियां किसानों के हितों के खिलाफ जा सकती हैं और कांग्रेस इस मुद्दे पर समझौता नहीं करेगी। इस बयान ने किसान राजनीति और संसद के भीतर टकराव को नई दिशा दे दी है, क्योंकि हाल के दिनों में व्यापार समझौतों और कृषि नीति को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठाता रहा है।
बजट सत्र पर चिराग पासवान का बड़ा हमला.. राहुल गांधी पर साधा निशाना, सीएम नीतीश की सेहत पर क्या बोले
सत्तापक्ष की ओर से प्रतिक्रिया भी तेज रही। बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने दावा किया कि उन्होंने राहुल गांधी के खिलाफ “विशिष्ट प्रस्ताव” लाने के लिए नोटिस दिया है और लोकसभा सदस्यता रद्द करने तथा आजीवन चुनाव लड़ने से प्रतिबंध लगाने जैसी कठोर कार्रवाई की मांग की है। इससे यह संकेत मिलता है कि संसद के अंदर राजनीतिक संघर्ष अब केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं बल्कि प्रक्रियात्मक कदमों तक पहुंच चुका है। हालांकि बाद में सत्तापक्ष की ओर से विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव को लेकर स्पष्टता भी सामने आई और कहा गया कि फिलहाल ऐसा प्रस्ताव लाने से इनकार किया गया है, जिससे राजनीतिक रणनीति को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
इस पूरे विवाद के बीच राहुल गांधी का मीडिया के साथ संवाद भी सुर्खियों में रहा। संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने मीडिया से ‘उद्देश्यपूर्ण’ रिपोर्टिंग करने की अपील करते हुए कहा कि पत्रकारों की जिम्मेदारी है कि वे निष्पक्ष रहें और किसी एक राजनीतिक नैरेटिव को आगे बढ़ाने तक सीमित न रहें।






















