Bihar Police Passing Out: यह बैच संख्या से ही नहीं, बल्कि अपनी संरचना और प्रशिक्षण की दृष्टि से भी खास है। कुल 1218 प्रशिक्षुओं में 779 पुरुष, 436 महिलाएं और 3 ट्रांसजेंडर दारोगा शामिल हैं, जो बिहार पुलिस की समावेशी सोच को रेखांकित करता है। खेल कोटा से चयनित 23 प्रतिभाशाली अभ्यर्थियों की मौजूदगी इस बैच को और मजबूत बनाती है, जबकि झारखंड कैडर के 4 प्रशिक्षुओं का प्रशिक्षण लेना अंतर-राज्यीय सहयोग का उदाहरण पेश करता है। खास बात यह है कि पहली बार ट्रांसजेंडर अभ्यर्थियों को अवसर दिया गया और तीनों ने प्रशिक्षण में सफलता हासिल कर इतिहास रच दिया।
प्रशिक्षण की रूपरेखा पारंपरिक पुलिसिंग से आगे बढ़कर भविष्य की चुनौतियों पर केंद्रित रही। साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी, बैंक और एटीएम फ्रॉड की जांच के लिए आधुनिक तकनीकों का गहन अभ्यास कराया गया। डिजिटल साक्ष्यों के सुरक्षित संकलन, तकनीकी विश्लेषण और केस बिल्डिंग की बारीकियों पर विशेष ध्यान दिया गया ताकि नए दारोगा तेजी से बदलते अपराध के स्वरूपों का प्रभावी मुकाबला कर सकें। शहरी क्षेत्रों में बढ़ते आर्थिक अपराधों और साइबर नेटवर्क से जुड़ी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए यह प्रशिक्षण उन्हें फील्ड में तुरंत असर दिखाने में सक्षम बनाएगा।
शारीरिक और मानसिक मजबूती को समान महत्व देते हुए ड्राइविंग, घुड़सवारी और साइक्लिंग जैसी व्यावहारिक ट्रेनिंग दी गई, जिससे हर परिस्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया और दक्षता सुनिश्चित हो सके। योग और मानसिक अभ्यास के जरिए तनाव प्रबंधन, निर्णय क्षमता और नेतृत्व कौशल को निखारा गया। इसके साथ ही आधुनिक हथियारों के संचालन, फायरिंग अभ्यास और सामरिक प्रशिक्षण को कार्यक्रम का अहम हिस्सा बनाया गया ताकि कानून-व्यवस्था से जुड़ी जटिल परिस्थितियों में प्रशिक्षु आत्मविश्वास के साथ काम कर सकें।
पीटीसी के निदेशक आर मलर विल्ली के अनुसार इन 1218 नए दारोगाओं की तैनाती से राज्य की कानून-व्यवस्था को ठोस मजबूती मिलेगी। विशेष रूप से साइबर अपराध, आर्थिक अपराध और शहरी अपराध नियंत्रण में यह बैच निर्णायक भूमिका निभाएगा। पासिंग आउट परेड के तुरंत बाद इन प्रशिक्षित दारोगाओं की विभिन्न जिलों और इकाइयों में पदस्थापना की प्रक्रिया शुरू होगी। परेड के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित भी किया जाएगा। प्रशिक्षण केंद्र में समारोह को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और बड़ी संख्या में परिजन इस पल के साक्षी बनने पहुंच रहे हैं, जब वे अपने बच्चों के कंधे पर पहली बार चमकता स्टार देखेंगे।






















