झारखंड के सियासी गहमागहमी के बीच बुलाये गये विशेष सत्र की कार्यवाही शुरू होने से पहले भाजपा विधायकों ने विधानसभा मुख्य द्वार पर जमकर हंगामा किया। विधानसभा भवन के मुख्य द्वार पर धरने पर बैठ गए और कानून-व्यवस्था के मसले पर सरकार को घेरा। बीजेपी विधायक तख्तियां लेकर राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
बीजेपी विधायक नवीन जायसवाल, अनंत ओझा, विरंची नारायण सिंह, रणधीर सिंह, अपर्णा सेनगुप्ता, भानुप्रताप शाही, अमित मंडल, ढुल्लू महतो, अमर बाउरी और समरी लाल तख्तियां लेकर मुख्य द्वार पर धरने पर बैठे। तख्तियों में दुमका की बेटी के हत्यारों को फांसी दो, दुमका की बेटी की हत्या की सीबीआई जांच हो, मुस्लिम तुष्टिकरण बंद हो और पांडू के महादलित परिवारों को उजाड़ने वालों को कड़ी सजा दो जैसे स्लोगन और नारे लिखे थे। इस बीच आजसू विधायक लंबोदर महतो 1932 के खतियान पर आधारित स्थानीय नीति की मांग को लेकर धरने पर बैठे।
राज्य के मुखिया का बयान समस्त नारी जाति का अपमान है
भाजपा विधायक भानु प्रताप शाही ने कहा कि राज्य में आदिवासी दलित बच्चियों की हत्या होती है और मुख्यमंत्री का बयान आता है कि ऐसी घटनाएं होती रहती है। यह शर्मनाक है। एक राज्य के मुखिया का इस तरह का बयान समस्त नारी जाति का अपमान है। उन्होंने कहा कि इस सरकार को अपने ही विद्यायकों पर भरोसा नहीं है इसलिए विद्यायकों को कैद करके रायपुर में रखा गया। कहा कि अपने ही 3 विद्यायकों को जेल में डाला और आरोप भाजपा पर लगा रहे हैं।
हेमन्त सरकार को अपने ही विधायकों पर भरोसा नहीं है: बाबूलाल
भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सत्र के लिए जो प्रोसिडिंग मिली है उसमें यह कहा गया है कि सरकार सदन में विश्वास मत हासिल करेगी। मरांडी ने कहा कि सवाल उठता है कि सरकार के खिलाफ किसने अविश्वास प्रस्ताव लाया जो विश्वास मत की जरूरत पड़ गयी। सामान्य तौर पर यह होता है कि विश्वास मत के लिए राज्यपाल कहते हैं लेकिन ऐसा भी नहीं हुआ। यह तो पूरे देश की जनता देख रही है कि हेमन्त सरकार को अपने ही विधायकों पर भरोसा नहीं है और यही वजह है कि वे अपने सभी विधायकों को कैद करके रखे हुए हैं।




















