मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सहायक पुलिस कर्मियों का कार्यकाल एक साल का विस्तार करने के बाद रविवार को सहायक पुलिस कर्मियों ने सीएम आवास पहुंचकर मुख्यमंत्री का आभार जताया। बता दें कि गुरुवार को हुए कैबिनेट बैठक में इस पर मुहर लगी थी। सहायक पुलिस कर्मी लंबे समय से इसे लेकर आंदोलनरत थे। वहीं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सहायक पुलिस कर्मियों को लेकर आश्वस्त किया है कि आप लोगों के लिए स्थायीकरण की भी बात की जा रही है। इस पर विचार-विमर्श किया जा रहा है।
अनुबंध पर 2500 सहायक पुलिसकर्मियों को निय़ुक्त किया गया था
दरअसल राज्य के 12 नक्सल प्रभावित जिलों में अनुबंध पर 2500 सहायक पुलिसकर्मियों को निय़ुक्त किया गया था। इनकी नियुक्ति पूर्ववर्ती रघुवर दास की सरकार के कार्यकाल में 2017 में हुई थी। इन्हें प्रतिमाह 10 हजार रुपये बतौर मानदेय मिलता था। हालांकि इनकी नियुक्ति के समय गृह विभाग ने जो नियमावली बनाई थी, उसमें कहा गया था कि इनकी सेवा अधिकतम पांच साल तक ली जायेगी। यह अवधि अब पूरी हो गयी थी। जिसके बाद बीते वर्ष सितंबर में राज्य भर के सहायक पुलिसकर्मियों ने अपनी सेवा को स्थायी करने और मानदेय में वृद्धि की मांग को लेकर लंबा आंदोलन किया था।
लगातार 37 दिनों तक धरना दिया था
रांची के मोरहाबादी मैदान में उन्होंने लगातार 37 दिनों तक धरना दिया था। तब राज्य सरकार ने उनके साथ वार्ता कर आंदोलन खत्म कराया था। सरकार ने आश्वस्त किया था कि सीधी स्थायी नियुक्ति की मांग को छोड़ कर उनकी अन्य मांगों के समाधान के लिए एक उच्चस्तरीय समिति बनायेगी। कैबिनेट बैठक में इस पर मुहर लगी।




















