रांची: 27 मार्च 2025 को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने रांची में बंद का आह्वान किया है। यह बंद बीजेपी नेता अनिल टाइगर की हत्या के विरोध में बुलाया गया है। बीते कल ही दिनदहाड़े बीजेपी के नेता अनिल टाईगर की गोली मार कर हत्या कर दी गयी है। इस घटना से आक्रोशित बीजेपी और उनके समर्थकों का कहना है कि यह कदम रांची में बढ़ते अपराध और शासन व्यवस्था की नाकामी के खिलाफ उठाया गया है। खबरों के अनुसार, बीजेपी रांची महानगर ने सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक बंद की घोषणा की है। इस दौरान बीजेपी कार्यकर्ता और समर्थक सड़कों पर उतरे हैं, टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, और कई इलाकों में दुकानें बंद कराई गई हैं। पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं और कुछ बीजेपी नेताओं को हिरासत में भी लिया गया है।
रांची में इस बंद का असर मिला-जुला देखा जा रहा है। कुछ क्षेत्रों में सड़कों पर सन्नाटा है, तो कहीं प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि वे रांची को “क्राइम कैपिटल” बनने से बचाने के लिए यह कदम उठा रहे हैं और लोगों से इसमें शामिल होने की अपील कर रहे हैं। बताते चलें कि अनिल टाइगर, जिनका पूरा नाम अनिल महतो था, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के एक प्रमुख नेता और रांची ग्रामीण जिला के पूर्व जिला परिषद सदस्य थे। उनकी हत्या 26 मार्च 2025 को झारखंड की राजधानी रांची के कांके चौक पर दिनदहाड़े हुई। यह घटना दोपहर करीब 3:50 बजे की है, जब बाइक सवार अपराधियों ने अनिल टाइगर पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं।
बताया जाता है कि वे एक होटल के पास अपने दोस्तों के साथ बैठे थे और मोबाइल पर वीडियो देख रहे थे, तभी हमलावरों ने पीछे से उनके सिर में गोली मार दी। गंभीर हालत में उन्हें रांची के रिम्स अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक शूटर, रोहित वर्मा, को एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया। रोहित के पैर में गोली लगी थी, और वह पुंदाग इलाके का रहने वाला बताया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में हत्या का कारण जमीनी विवाद और व्यक्तिगत दुश्मनी सामने आया है। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, रोहित को शक था कि अनिल टाइगर का हाथ एक अन्य हत्या (सुभाष जायसवाल की, जो जनवरी 2025 में हुई थी) में था, जिसका बदला लेने के लिए उसने यह कदम उठाया।
दूसरा संदिग्ध, अमन सिंह, अभी फरार है, और पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। इस हत्याकांड के बाद बीजेपी और उनके सहयोगी दल आजसू ने 27 मार्च 2025 को रांची बंद का आह्वान किया। बीजेपी नेताओं, जैसे प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी और सांसद संजय सेठ, ने इसे राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था का सबूत बताते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग की। बंद के दौरान रांची में कई जगहों पर टायर जलाए गए, सड़कें जाम की गईं, और प्रदर्शन हुए। पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है और मामले की गहराई से जांच कर रही है। अनिल टाइगर बीजेपी के सक्रिय नेता थे और स्थानीय स्तर पर प्रभावशाली माने जाते थे। उनकी हत्या से रांची में तनाव और आक्रोश का माहौल है।