मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में बुधवार को कैबिनेट की बैठक हुई। इस बैठक में 38 प्रस्ताव पर स्वीकृति मिली है। कैबिनेट सचिव वंदना दादेल ने इसकी जानकारी दी है। सरकार ने जो सबसे बड़ा फैसला लिया है उसके अनुसार राज्य में अब पचास हजार शिक्षकों की बहाली होगी। इसके लिए पद सृजित करने का निर्णय लिया गया है। यानी कि आने वाले दिनों में अगर इतने शिक्षक बहाल कर दिए जाएंगे तो झारखंड के सभी प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में पर्याप्त संख्या में शिक्षक उपलब्ध हो जाएंगे।
इन प्रस्तावों को दी गई मंजूरी
- प्राथमिक विद्यालय में 20,825 मध्य विद्यालय में 29,175 यानी कुल 50000 सहायक आचार्य (शिक्षक) के पदों पर नियुक्ति की स्वीकृति
- रांची विश्वविद्यालय अंतर्गत 3 डिग्री महाविद्यालय खिजरी, सिल्ली कोलेबिरा में 87 पद और विनोद बिहारी यूनिवर्सिटी, धनबाद अंतर्गत तीन 3 डिग्री महाविद्यालय टुंडी, गोमिया, आरएसपी-2 धनबाद में 87 पदों के सृजन की स्वीकृति
- झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के तहत लाभुकों की संख्या 15 से बढ़ाकर 20 लाख करने के प्रस्ताव स्वीकृत
- 2008 में गृह कारा विभाग अंतर्गत गठित special auxiliary police जवानों के सेवा विस्तार 30 सितंबर 2022 तक मिला
- 137 नवसृजित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में 190 चिकित्सक के पदों के सृजन की स्वीकृति
- मुख्यमंत्री सुकन्या योजना का नाम बदला गया है अब नाम होगा का सावित्रीबाई फुले किशोरी संवृद्धि योजना
- मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना का किया गया सरलीकरण, योजना के तहत अब 50,000 रुपये से ऊपर के लोन पर मुखिया, पंचायत सचिव, जनप्रतिनिधि और रिटायर सरकारी कर्मी भी बन सकेंगे गारंटर.
पुलिस कर्मियों में खुशी की लहर
इसके साथ ही झारखंड कैबिनेट की बैठक में पुलिस को लेकर अहम निर्णय लिया गया है। अब 13 महीना के वेतन के साथ-साथ 20 दिन का क्षत्री पूर्ति अवकाश भी मिलेगा पुलिसकर्मियों में खुशी का माहौल है। पुलिस को 20 दिनों के क्षति पूर्ति अवकाश मिलने पर स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि पुलिस वालों ने ही मुझे नेता बनाया है इसलिए मुझे पुलिस वालों के लिए बेहतर करके खुशी हो रही है।




















